विंग्स ओवर गंगा : 25 अक्टूबर को वाराणसी में गूंजेगी लड़ाकू विमानों की गर्जना, भारतीय वायु सेना दिखाएगी दमखम
— नमोघाट पर होगा वायु सेना दिवस का भव्य एरियल डिस्प्ले-2026, सूर्य किरण और सारंग की टीमें दिखाएंगी हैरतअंगेज करतब
— राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और तेजस समेत कई विमानों का होगा प्रदर्शन, गंगा की लहरों के ऊपर दिखेगा भारतीय वायु सेना का शौर्य और कौशल
वाराणसी, 16 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में 25 अक्टूबर को गंगा के ऊपर आसमान रोमांचक हवाई करतबों का गवाह बनेगा। नमोघाट पर आयोजित होने वाले ‘वायु सेना दिवस एरियल डिस्प्ले-2026’ में भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान अपनी गति, शक्ति, सटीकता और अद्भुत उड़ान कौशल का प्रदर्शन करेंगे। भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम की थीम ‘विंग्स ओवर गंगा’ रखी गई है। गंगा की अविरल धारा और काशी की ऐतिहासिक विरासत की पृष्ठभूमि में होने वाला यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक वायु शक्ति के अनूठे संगम का प्रतीक बनेगा।
——सूर्य किरण और सारंग की टीमें दिखाएंगी हैरतअंगेज करतब
रक्षा मंत्रालय, प्रयागराज के जनसंपर्क अधिकारी विंग कमांडर देबार्थोधर के अनुसार, इस एरियल डिस्प्ले में भारतीय वायु सेना की प्रमुख प्रदर्शन टीमें ‘सूर्य किरण एरोबैटिक टीम’ और ‘सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम’ हिस्सा लेंगी। दोनों टीमें अपने शानदार हवाई करतबों, सटीक फॉर्मेशन और बेहतरीन तालमेल से दर्शकों को रोमांचित करेंगी।
आसमान में पलक झपकते ही बदलते विमानों के फॉर्मेशन, चुनौतीपूर्ण एरोबैटिक मूवमेंट और हेलीकॉप्टरों का शानदार प्रदर्शन भारतीय वायु सेना के उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, अनुशासन और पेशेवर दक्षता की झलक पेश करेगा।
———राफेल, सुखोई और तेजस समेत कई विमानों का होगा प्रदर्शन
इस भव्य हवाई प्रदर्शन में भारतीय वायु सेना के कई प्रमुख विमान शामिल होंगे। इनमें तेजस, हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) ‘प्रचंड’, आईएल-76, आईएल-78, सी-295 और एएन-32 के साथ अत्याधुनिक लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई और राफेल भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त भारतीय नौसेना और भारतीय थल सेना के विमान भी इस आयोजन में भाग लेंगे।
विभिन्न विमानों की भागीदारी तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त संचालन, समन्वय और सामरिक तालमेल को प्रदर्शित करेगी। गंगा के ऊपर आसमान में जब ये विमान अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन करेंगे, तो दर्शकों को देश की आधुनिक रक्षा क्षमताओं को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
——हर करतब के पीछे छिपी होगी टीमवर्क और तकनीक की ताकत
एरियल डिस्प्ले केवल रोमांचक हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना की तकनीकी दक्षता, कठोर प्रशिक्षण और व्यापक तैयारियों का भी परिचायक होगा। विमानों की हर सटीक उड़ान और प्रत्येक फॉर्मेशन के पीछे पायलटों, एयरक्रू, इंजीनियरों, तकनीशियनों और ग्राउंड सपोर्ट स्टाफ की मेहनत तथा आपसी समन्वय की अहम भूमिका होती है।
यह आयोजन वायु सेना की परिचालन क्षमता के साथ-साथ उन लोगों के समर्पण को भी सामने लाएगा, जिनकी मेहनत से देश की वायु सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
——युवाओं को विमानन और राष्ट्र सेवा के लिए करेगा प्रेरित
‘विंग्स ओवर गंगा’ का उद्देश्य भारतीय वायु सेना की क्षमताओं के प्रदर्शन के साथ आम लोगों, विशेषकर युवाओं को वायु सेना से जोड़ना भी है। आसमान में विमानों के रोमांचक करतब युवाओं को विमानन, एयरोस्पेस तकनीक, इंजीनियरिंग और रक्षा क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को भारतीय वायु सेना में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों से परिचित होने और तकनीक, नेतृत्व, अनुशासन तथा राष्ट्र सेवा से जुड़ी संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
—गंगा की पृष्ठभूमि में दिखेगा परंपरा और आधुनिकता का संगम
‘विंग्स ओवर गंगा’ की अवधारणा काशी की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक भारत की बढ़ती एयरोस्पेस क्षमताओं के मेल को रेखांकित करती है। गंगा की लहरों और ऐतिहासिक नगरी की पृष्ठभूमि में विमानों की गर्जना इस आयोजन को विशिष्ट पहचान देगी।
25 अक्टूबर को होने वाला ‘एयर फोर्स डे एरियल डिस्प्ले-2026’ काशीवासियों के लिए भारतीय वायु सेना की ताकत, सटीकता और पेशेवर उत्कृष्टता को प्रत्यक्ष देखने का यादगार अवसर बनेगा। यह आयोजन वायु सेना और आम नागरिकों के बीच जुड़ाव मजबूत करने के साथ देश की युवा पीढ़ी में नवाचार, साहस और राष्ट्र सेवा की भावना को प्रोत्साहित करेगा। भारतीय वायु सेना का आदर्श वाक्य ‘नभः स्पृशं दीप्तम्’, अर्थात ‘गर्व के साथ आकाश को छूना’, इस आयोजन की भावना को साकार करता नजर आएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी