वाराणसी : मेगा एयर शो में सैन्य विमानों को केदार, हनुमान, रुद्र, भैरव, सारंग, नीलकंठ जैसे नाम दिए गए - ग्रुप कैप्टन
वाराणसी, 20 अक्टूबर (हि. स.)। वाराणसी में हाेने वाले एयर शो को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। इस आयाेजन काे लेकर वायु सेना के ग्रुप कैप्टन परिजात ने मंगलवार काे बताया कि 22, 24, 25 अक्टूबर को वाराणसी के गंगा नदी के ऊपर होने वाला एयर शो बहुत ही विशेष होने वाला है। एयर शो में प्रमुख फॉर्मेशन में काशी विमान, जो तीन किरण विमान विजय के प्रतीक ‘वी’ आकार के विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे और गंगा के ऊपर आकाश को भारतीय तिरंगे के रंगों से सजाएंगे। वरुणा, जो भारतीय वायु सेना और भारतीय थल सेना के तीन एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर इस फॉर्मेशन में शामिल होंगे। इनके माध्यम से स्लिदरिंग ऑपरेशन, यानी रस्सी के सहारे जवानों को नीचे उतारने का प्रदर्शन भी किया जाएगा। केदार, जो एक राफेल विमान काशी फॉर्मेशन के बाद कम ऊंचाई पर सटीक एरोबेटिक करतब प्रदर्शित करेगा। यह बहुत विशेष है कि लड़ाकू विमानों को धर्म और देव आधारित नामों को दे दिया गया है।
उन्होंने बताया कि हनुमान और सारनाथ एक विशेष है। “हनुमान” कॉलसाइन के अंतर्गत एक सुखोई-30 एमकेआई विमान कम ऊंचाई पर एरोबेटिक प्रदर्शन करेगा। इसके बाद “सारनाथ” के अंतर्गत एक हार्वर्ड विमान सटीक हवाई करतब प्रदर्शित करेगा। सारंग, जो हवाई प्रदर्शन में अत्यंत कुशल सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी अपनी उड़ान कला का प्रदर्शन करेगी। ओंकार और गंगा, जो “ओंकार” फॉर्मेशन में तीन एमआई-17 वी 5 हेलीकॉप्टर विक फॉर्मेशन में राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय वायु सेना का ध्वज लेकर उड़ान भरेंगे।
इसके बाद “गंगा” फॉर्मेशन में तीन चेतक हेलीकॉप्टर पुष्पवर्षा करेंगे। रुद्र, जो एक सुखोई-30 एमकेआई विमान मुख्य मंच के ऊपर से तेज गति से गुजरेगा। भागीरथी, जो दो स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों (एलसीएच) और अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का फॉर्मेशन डायमंड आकार में उड़ान भरेगा। त्रिदेव, जो इस फॉर्मेशन में सबसे आगे भारतीय नौसेना का एक कामोव-31 हेलीकॉप्टर होगा। इसके साथ भारतीय वायु सेना का एक एएलएच मार्क III और भारतीय थल सेना का एक एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। यह फॉर्मेशन तीनों सेनाओं की संयुक्त कार्यशैली, निर्बाध समन्वय और एक साथ प्रभावी ढंग से कार्य करने की क्षमता को प्रदर्शित करेगा।
उन्होंने बताया कि इसी तरह अलकनंदा, जो दो चिनूक और दो एएलएच मार्क IV हेलीकॉप्टर उल्टे विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे, जिसमें एक चिनूक पीछे की स्थिति में होगा। भैरव, जो एक सी-295 और दो डोर्नियर विमान विक्ट्री फॉर्मेशन में मुख्य मंच के सामने से उड़ान भरेंगे। कैलाश, जो एक सी-130 और दो एएन-32 विमान विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।त्रिलोचन, जो एक एईडब्ल्यूएंडसी विमान दो मिग-29 लड़ाकू विमानों के साथ विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेगा। नटराज, जो भारतीय नौसेना का एक पी-8आई समुद्री निगरानी विमान दो मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा। यह फॉर्मेशन समुद्री निगरानी और हवाई युद्ध क्षमताओं के सशक्त समन्वय का प्रतीक होगा। महादेव, जो हवा में ईंधन भरने वाला एक आईएल-78 विमान तीन मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा। विश्वनाथ, पशुपति और नीलकंठ, जिसमें “विश्वनाथ” फॉर्मेशन में तीन सुखोई-30 एमकेआई विमान विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इसके बाद “पशुपति” फॉर्मेशन में चार जगुआर विमान डायमंड फॉर्मेशन में आएंगे। इनके बाद तीन राफेल विमानों का “नीलकंठ” फॉर्मेशन होगा। प्रचंड, जो
सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए और मिग-29 सहित छह लड़ाकू विमान तीर के अग्रभाग जैसे एरोहेड फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रचंड फॉर्मेशन भारतीय वायु सेना की अटूट युद्ध क्षमता को समर्पित है, जिसका प्रदर्शन हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ था। अग्रिम पंक्ति के ये लड़ाकू विमान वायु सेना की तत्परता, सटीक प्रहार क्षमता और राष्ट्रीय उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए निर्णायक वायु शक्ति के प्रयोग की क्षमता को प्रदर्शित करेंगे। अस्सी, जो स्वदेशी एलसीए तेजस विमान “अस्सी” कॉलसाइन के साथ आकर्षण का केंद्र बनेगा। यह स्वदेशी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की क्षमता, उन्नत उड़ान कौशल और लड़ाकू विमानन में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित करेगा। विमान कम ऊंचाई पर एरोबेटिक प्रदर्शन करेगा।दशाश्व, जो “दशाश्व” फॉर्मेशन में एक सी-17 ग्लोबमास्टर विमान नौ सूर्यकिरण हॉक विमानों का नेतृत्व करते हुए मुख्य मंच के ऊपर से शानदार फ्लाईपास्ट करेगा। इसके बाद भारत की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम आकाश में अपना प्रदर्शन प्रस्तुत करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / शरद