ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, सब रजिस्ट्रार कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी

 


मीरजापुर, 11 जून (हि.स.)। दस्तावेजों के ई-पंजीकरण के विरोध में नवयुवक अधिवक्ता समिति चुनार के सदस्यों ने गुरुवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन कर जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी चुनार राजेश कुमार वर्मा को सौंपकर नई व्यवस्था को वापस लेने की मांग की।

अधिवक्ताओं ने महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा दस्तावेजों के पंजीकरण को ई-पंजीकरण मॉड्यूल के माध्यम से कराए जाने के निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि यह व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित, वादकारी तथा अधिवक्ता विरोधी है। उनका कहना था कि प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने पर आपराधिक प्रवृत्ति के लोग गरीब एवं कमजोर व्यक्तियों पर दबाव बनाकर उनसे दस्तावेज निष्पादित करा सकते हैं, जिससे धोखाधड़ी और भूमि विवादों की आशंका बढ़ जाएगी।

ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि तयशुदा प्रतिफल और बाजार मूल्य में अक्सर अंतर होता है। वहीं वृद्ध एवं अशिक्षित विक्रेताओं को भूमि के रकबे और दस्तावेजी प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसे में नई व्यवस्था का दुरुपयोग होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी संस्थाओं से मिलीभगत कर पंजीकरण प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सकता है, जिससे आम जनता के हितों को नुकसान पहुंचेगा।

समिति के अध्यक्ष शिवशंकर सिंह पटेल ने कहा कि अधिवक्ता समुदाय जनहित में इस व्यवस्था का विरोध कर रहा है और सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों के समर्थन में 12 जून को तहसील परिसर स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय में तालाबंदी कर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रदर्शन में समिति के अध्यक्ष शिवशंकर सिंह पटेल, महामंत्री रामबिलास सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राममूरत यादव, अविनाश गुप्ता, पूर्व बार अध्यक्ष मुन्नू प्रसाद गुप्ता, राजपाल यादव, दिनेश सिंह, जंग बहादुर सिंह, शीतला प्रसाद यादव, गुरूदास, जय जायसवाल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा