गंगा की तराई में प्रशासनिक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, नाव-ट्रैक्टर छोड़ भागे खनन माफिया
मीरजापुर, 22 फ़रवरी (हि.स.)। गोगांव स्थित गंगा की तराई में कछुआ सैंक्चुअरी क्षेत्र रविवार शाम अचानक प्रशासनिक हलचल से गूंज उठा। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के निर्देश पर एसडीएम सदर गुलाब चंद्र ने खनन व वन विभाग की संयुक्त टीम के साथ छापेमारी की। टीम के पहुंचते ही अवैध खनन में जुटे माफिया ट्रैक्टर-ट्राली और नावें छोड़कर मौके से फरार हो गए।
छापेमारी में उप प्रभागीय वन अधिकारी शेख मुअज्जम, खनन अधिकारी जितेंद्र सिंह और वन क्षेत्राधिकारी लालगंज कृष्ण कुमार सिंह भी शामिल रहे। अधिकारियों ने गंगा घाटों पर सघन सर्च अभियान चलाया। बालू ढुलाई में लगी दर्जनों नावें किनारे पर लावारिस मिलीं। घाटों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और बालू के बड़े-बड़े डंप देखकर टीम भी दंग रह गई।
एसडीएम सदर ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय से अधिसूचित कछुआ सैंक्चुअरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध रूप से संचालित नावों, ट्रैक्टर-ट्रालियों व अन्य वाहनों को जब्त कर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। सम्बंधित नाविकों व खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
थाना प्रभारी को खनन माफियाओं की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने तथा उप वन क्षेत्राधिकारी मेजा, प्रयागराज को भी त्वरित कदम उठाने को कहा गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों में हड़कम्प मच गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा