काशी हिंदू विश्वविद्यालय में 13-14 जून को होगा विज्ञान भारती का सातवां राष्ट्रीय अधिवेशन

 


वाराणसी, 11 जून (हि. स.)। वाराणसी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आगामी 13 और 14 जून को विज्ञान भारती संगठन का सातवां राष्ट्रीय अधिवेशन होगा। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वैदिक विज्ञान केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में भारत तथा विदेशों से लगभग 1200 प्रतिनिधि, जिनमें विज्ञान भारती के सदस्य, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद्, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। उक्त जानकारी विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा और राष्ट्रीय महासचिव विवेकानन्द पाई ने दी।

विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा और राष्ट्रीय महासचिव विवेकानन्द पाई ने पत्रकारों को बताया कि वाराणसी में होने जा रहे राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्देश्य समसामयिक वैज्ञानिक एवं सामाजिक चुनौतियों पर सार्थक विमर्श करते हुए वैज्ञानिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए एक कार्ययोजना तैयार करना है। इस वर्ष के अधिवेशन में वन हेल्थ, विकसित भारत हेतु नेट ज़ीरो तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विशेष चर्चा की जाएगी।

13 जून को उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। यह सत्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं राष्ट्रीय विकास से संबंधित विचार-विमर्श की दिशा निर्धारित करेगा। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। विज्ञान भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी, नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. शेखर सी. मांडे भी उद्घाटन सत्र में सहभागिता करेंगे। अधिवेशन में देश के प्रमुख संस्थानों एवं सरकारी संगठनों से जुड़े प्रतिष्ठित वक्ता एवं विचारक अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। वन हेल्थ विषयक सत्र का नेतृत्व राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. बी. एन. गंगाधर करेंगे, जिसमें शिक्षण, स्वास्थ्य एवं अनुसंधान संस्थानों से जुड़े विशिष्ट विशेषज्ञ भाग लेंगे।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत हेतु नेट ज़ीरो विषयक सत्र का नेतृत्व मध्य प्रदेश शासन के ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव करेंगे। इस सत्र में सतत विकास एवं ऊर्जा संक्रमण से जुड़े विभिन्न आयामों पर चर्चा होगी।

अधिवेशन के दूसरे दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता विषयक विशेष सत्र का नेतृत्व भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव तथा इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के पूर्व अध्यक्ष और पद्म श्री पुरस्कृत प्रो. आशुतोष शर्मा करेंगे। इस सत्र में शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं तथा तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा समाजहित में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्तरदायी एवं नैतिक उपयोग पर विचार-विमर्श किया जाएगा। अधिवेशन में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार का सार्वजनिक व्याख्यान भी आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल विशेष उद्बोधन देंगे तथा अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।

विज्ञान भारती द्वारा इस अवसर पर “भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति” संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। इसी तरह 14 जून को आयोजित समापन सत्र में भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर तथा प्रो. गोवर्धन दास विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाएंगे। यह राष्ट्रीय अधिवेशन संवाद, सहयोग एवं नीति-निर्माण के लिए एक प्रभावी मंच सिद्ध होगा, जो भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने तथा “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

हिन्दुस्थान समाचार / शरद