सावन के पहले पुलिस कमिश्नर ने काशी विश्वनाथ धाम में सुरक्षा तैयारियों को परखा,सुगम दर्शन पर जोर

 


वाराणसी, 29 जून (हि. स.)। वाराणसी में आगामी पावन श्रावण मास के दृष्टिगत पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने काशी विश्वनाथ धाम एवं आसपास के क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन तथा निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा किया। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि काशीवासियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट संख्या चार से जिग-जैग बैरिकेडिंग के माध्यम से नियंत्रित एवं सुव्यवस्थित प्रवेश प्रदान किया जाए। जिससे उनके नियमित दर्शन निर्बाध रूप से संपन्न हो सकें। काशी के लोगों को कोई कठिनाई ना होने पाए।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सावन माह में भीड़ बढ़ने पर व्यापारिक गतिविधियों पर अनावश्यक प्रभाव न पड़े, इसके लिए सामान्य दिनों में मार्गों को यथासंभव खुला रखा जाए। गंगा दर्शन एवं बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शनोपरांत मंदिर चौक क्षेत्र में भ्रमण, खरीदारी, स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेने तथा सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव करने हेतु सुगम एवं सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पार्किंग स्थलों की व्यवस्था मंदिर क्षेत्र से अधिकतम 500 मीटर से एक किलोमीटर की दूरी के भीतर सुनिश्चित की जाए, जिससे दर्शनार्थियों को अनावश्यक रूप से अधिक दूरी पैदल न चलना पड़े तथा सुगम आवागमन बना रहे।

मोहित अग्रवाल ने कहा कि श्रावण मास की समस्त तैयारियां महाकुंभ स्तर की व्यापकता एवं दक्षता के अनुरूप हों, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन, सुरक्षित वातावरण तथा शहर में निर्बाध यातायात सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। श्रावण मास में संभावित भारी भीड़ को दृष्टिगत रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल, प्रभावी कतार प्रबंधन एवं आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए। श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन एवं अन्य आवश्यक सामान जमा करने तथा वापस प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक, व्यवस्थित एवं समयबद्ध रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि गोदौलिया एवं मैदागिन मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के दृष्टिगत नियंत्रित भीड़ प्रबंधन हेतु जिग-जैग बैरियर स्थापित किया जाए। जिससे कतार व्यवस्था सुचारु एवं आवागमन सुरक्षित बना रहे। सम्पूर्ण श्रावण मास के दौरान सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन तकनीक तथा अन्य आधुनिक निगरानी संसाधनों के माध्यम से मंदिर क्षेत्र एवं प्रमुख मार्गों पर सतत एवं सूक्ष्म निगरानी रखी जाएगी, जिससे सुरक्षा एवं व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।श्रावण मास की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु पुलिस बल, अर्धसैनिक बल तथा एटीएस की संयुक्त तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो तथा किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति का त्वरित समाधान किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / शरद