गाजीपुर पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हूँ : डॉ. संजय निषाद

 


वाराणसी, 06 जून(हि. स.)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद ने गाजीपुर पुलिस के एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जनपद गाजीपुर में विनीत राय हत्याकांड के आरोपित कमलेश बिंद के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने की घटना को गलत करार दिया है। मंत्री ने कहा कि पुलिसिया कार्रवाई से वह असंतुष्ट हैं। इस विषय काे वह मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे।

योगी सरकार में सहयोगी दल निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। यदि कमलेश बिंद ने कोई अपराध किया था, तो उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा मिलनी चाहिए थी। क्योंकि विनीत राय हत्याकांड में कमलेश बिंद कहीं से भी मुख्य आरोपित नहीं था। यदि एनकाउंटर करना ही था, तो मुख्य आरोपिताें का किया जाना चाहिए था। मैं गाजीपुर पुलिस की इस कार्रवाई से पूर्णतः असंतुष्ट हूँ। मैं गाजीपुर पुलिस और वहाँ के पुलिस कप्तान को चुनौती देता हूँ कि यदि आपकी पुलिसिया कार्रवाई सही है, तो दोनों मुख्य आरोपिताें का एनकाउंटर करके दिखाइए। मुझे पता है कि आप ऐसा कर ही नहीं सकते।

डॉ. संजय निषाद ने कहा कि मेरे कुछ सवाल हैं, जिनका उत्तर गाजीपुर पुलिस को देना होगा। एनकाउंटर किन परिस्थितियों में किया गया, जब कमलेश बिंद की पत्नी स्वयं यह कह रही हैं कि उसके सामने उसके पति को थाने में मारा-पीटा गया और उसके बाद ले जाकर एनकाउंटर कर दिया गया तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भारतीय न्याय संहिता और संविधान में आरोपित को न्यायालय में आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का प्रावधान है। अब तो पुलिस न्यायालय के गेट और न्यायालय परिसर के भीतर से ही गिरफ्तार कर लेती है। यह मौलिक अधिकारों का हनन है।

याेगी सरकार के मंत्री डाॅ. संजय निषाद ने कहा कि कमलेश बिंद के शव को ले जाते समय पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। आपका बयान है कि आप सभी पर रासुका लगाएंगे। तो मैं कहता हूँ कि सबसे पहले डॉ. संजय निषाद पर रासुका लगाकर दिखाइए। डॉ. संजय ने आगे कहा कि हम सरकार के साथ अपने समाज की रक्षा के लिए खड़े हैं। यदि आप रक्षक के बजाय भक्षक बनकर कार्रवाई करेंगे तो हमें इस विषय पर विचार करना होगा। इस बात को मैं स्वयं मुख्यमंत्री के समक्ष रखूँगा। जहाँ तक मुझे इसके संबंध में सूचना देनी होगी, मैं वह देने का कार्य करूँगा। मैं स्वयं फर्जी मुकदमों और पुलिस प्रताड़ना का भुक्तभोगी रहा हूँ।

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हिन्दुस्थान समाचार / शरद