पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दो शिक्षक विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल

 




जौनपुर, 08 अक्टूबर (हि.स.)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दो शिक्षकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल और रज्जू भैया संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मिथिलेश यादव को विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत प्रभावशाली वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में स्थान मिला है।

यह सूची स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर की ओर से वैज्ञानिकों के शोध योगदान के विभिन्न मानकों के आधार पर जारी की जाती है।

कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग के प्रोफेसर प्रो. सौरभ पाल डेटा माइनिंग, मशीन लर्निंग और हेल्थकेयर एनालिसिस के क्षेत्र में शोध कर रहे हैं। 25 वर्ष से अधिक के शोध अनुभव वाले प्रो. पाल वर्ष 2001 से विश्वविद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं। उनके 120 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र और 10 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके शोध कार्यों को गूगल स्कॉलर पर 6,826 से अधिक साइटेशन मिले हैं। उनका एच-इंडेक्स 38 और आई10-इंडेक्स 66 है। उनके निर्देशन में छह शोधार्थी पीएचडी पूरी कर चुके हैं, जबकि छह अन्य शोधार्थी शोधरत हैं।

वहीं, डॉ. मिथिलेश यादव लगातार छठी बार इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हुए हैं। पॉलीमर संश्लेषण एवं अनुप्रयोग के क्षेत्र में 16 वर्ष से अधिक का शोध अनुभव रखने वाले डॉ. यादव के 80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उनके शोध कार्यों को 3,894 से अधिक साइटेशन मिले हैं और उनका एच-इंडेक्स 33 है। वह अंतरराष्ट्रीय जर्नल ‘Polymers (MDPI)’ के संपादक भी हैं और वर्तमान में बायोपॉलिमर नैनोकम्पोजिट्स पर शोध कर रहे हैं।

डॉ. यादव दक्षिण कोरिया और ताइवान में वरिष्ठ शोधकर्ता के रूप में काम कर चुके हैं। इसके अलावा वह जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली में कोठारी पोस्ट-डॉक्टरल फेलो भी रह चुके हैं।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने दोनों शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय है। इससे शिक्षकों और शोधार्थियों को उच्चस्तरीय अनुसंधान के लिए प्रेरणा मिलेगी। कुलसचिव विनोद कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी दोनों वैज्ञानिकों को बधाई दी।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव