दो दिवसीय वैज्ञानिक प्रशिक्षण से कृषि नवाचार को मिलेगी गति : डॉ वीके त्रिपाठी
कानपुर, 18 मार्च (हि.स.)। कृषि वैज्ञानिकों के कौशल उन्नयन और आधुनिक तकनीकों के समुचित उपयोग से ही खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और भविष्य उन्मुख बनाया जा सकता है। यह बातें बुधवार को निदेशक प्रसार डॉ वीके त्रिपाठी ने कही।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के प्रसार निदेशालय में आयोजित दो दिवसीय कृषि वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का समापन हुआ। यह प्रशिक्षण मानव संसाधन प्रबंधन योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य कृषि वैज्ञानिकों को नवीन तकनीकों से प्रशिक्षित कर किसानों तक वैज्ञानिक पद्धतियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाना और उद्यमिता विकास को बढ़ावा देना था।
तकनीकी सत्र में निदेशक शोध डॉ महक सिंह ने तिलहनी फसलों की उन्नत किस्मों एवं नवीन उत्पादन तकनीकों की जानकारी दी। अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ कौशल कुमार ने सुगंधित एवं औषधीय पौधों के उत्पादन की आधुनिक विधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं पशुपालन विभागाध्यक्ष डॉ रामजी गुप्ता ने कृषि स्थायित्व में पशुपालन प्रबंधन की भूमिका को रेखांकित किया।
समापन सत्र में विशेषज्ञों ने ड्रोन, एआई, मृदा परीक्षण, डिजिटल कृषि, जैविक व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक-किसान संवाद मजबूत करने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और अधिकारियों ने कृषि को अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप