भैंस लेकर नदी में पानी पिलाने गईं दो चचेरी बहनाें की केन नदी में डूबने से मौत
बांदा, 27 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा के थाना क्षेत्र के खरेई में मवेशियो को पानी पिलाने के दाैरान केन नदी दो चचेरी बहनाें की डूबने से मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही घरवालो में कोहराम मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना क्षेत्र के खरेई गांव निवासी 9 वर्षीय श्वेता पुत्री चुन्नूलाल निषाद शुक्रवार की सुबह अपनी चचेरी बहन 8 वर्षीय जानकी पुत्री मोतीलाल के साथ मवेशी चराने खेत गई थी। कुछ देर के बाद दोनों बच्चे मवेशियों को पानी पिलाने के लिए केन नदी पहुंची गई। तभी पैर फिसल जाने से जानकी नदी
में गिर गई और डूबने लगी। जानकी को डूबता देखा श्वेता बचाने दौड़ी तो वह भी डूब गई। शोर सुनकर आसपास के चरवाहे मौके पर पहुंच गए। कड़ी मशक्कत के बाद जब तक दोनों को पानी से बाहर निकाला तब तक दाेनाें की मौत हो चुकी थी।
गांववालाें ने बताया कि दोनों चचेरी बहने प्राइमरी विद्यालय में पढ़ती थी। मृतका श्वेता पांच बहनों में सबसे छोटी थी एक भाई है। मां सुरिया की पहले ही माैत हो चुकी है। पिता चुन्नूलाल दिल्ली मे मजदूरी करता है। छोटा भाई मोतीलाल ही बच्चाें की देखभाल करता है। मृतका जानकी दो बहनों में सबसे छोटी थी एक भाई है।
थाना प्रभारी राजेश कुमार वर्मा ने शव काे पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उप जिलाधिकारी अंकित वर्मा ने बताया दोनों मृतकों के परिजनों को अहेतुक सहायता दिलाई जाएगी। इधर क्षेत्राधिकारी सदर राजवीर सिंह गौर ने बताया कि थाना पैलानी क्षेत्रान्तर्गत ग्राम खैरई में दो बच्चियाें की नदी में डूबने की सूचना मिली है। पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह