पथरदेवा में विशेष अभियान के तहत दो किशोराें काे बाल श्रम से कराया गया मुक्त
देवरिया, 21 जुलाई (हि.स.)। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला टास्क फोर्स टीम ने मंगलवार को पथरदेवा क्षेत्र में विशेष बाल श्रम उन्मूलन अभियान मंगलवार को चलाया गया। अभियान के दौरान दो प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जहां कार्यरत दो किशोर श्रमिकों को मुक्त कराया गया। इस दौरान संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणी भी जारी की गई।
अभियान के दौरान श्रम प्रवर्तन अधिकारी दिनेश कुमार ने व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों को बाल श्रम निषेध कानून की जानकारी देते हुए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो उसे रोकने का प्रयास करें और इसकी सूचना तत्काल श्रम विभाग को दें।
उन्होंने बताया कि बाल श्रमिकों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। इसके अलावा कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से उनके परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने प्रतिष्ठान संचालकों, दुकानदारों और फैक्ट्री मालिकों से अपील की कि 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे को रोजगार पर न रखें। साथ ही 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को किसी भी खतरनाक कार्य या प्रक्रिया में नियोजित न किया जाए।
उन्होंने बताया कि बाल श्रम कराना कानूनन गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर 6 माह से 2 वर्ष तक के कारावास या 20 हजार से 50 हजार रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों का प्रावधान है। दोबारा अपराध करने पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
श्रम विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो इसकी सूचना श्रम विभाग, विकास भवन परिसर, देवरिया, जिला टास्क फोर्स अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें। अधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2027 तक देवरिया को बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने के लिए जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है।
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक