बहराइच में मरीज के दिमाग से 'जागते हुए' निकाला ट्यूमर
बहराइच, 20 जून (हि.स.)। चिकित्सा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बिटाना एन्ड चन्द्रावती हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डॉ. अनुरोध पटेल, पीजीआई चंडीगढ़ और उनकी टीम ने 26 वर्षीय बृजेश कुमार गौतम के मस्तिष्क में स्थित ट्यूमर की सर्जरी 'Awake Craniotomy' यानी जागृत अवस्था में मस्तिष्क की सर्जरी तकनीक से सफलतापूर्वक संपन्न की। 18/19 जून की दरमियानी रात को यह ऑपरेशन किया गया। यह ऑपरेशन करीब 6 घंटा चला।
पिछले 2 वर्षों से बृजेश लगातार सिरदर्द, उल्टी और मिर्गी जैसे दौरे की समस्या से जूझ रहे थे। जांच में पता चला कि ट्यूमर मस्तिष्क के उस हिस्से के बेहद करीब है जो बोलने, भाषा समझने और हाथ-पैर की गतिविधियों को नियंत्रित करता है। ऐसे मामलों में सामान्य सर्जरी से मरीज के बोलने या हिलने-डुलने की क्षमता प्रभावित होने का खतरा 40 प्रतिशत तक होता है।
यही कारण है कि डॉ. अनुरोध पटेल की टीम ने अत्याधुनिक 'Awake Craniotomy' तकनीक अपनाई। इस प्रक्रिया में सर्जरी के सबसे नाजुक चरण में मरीज को होश में रखा गया। डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान मरीज बृजेश से लगातार बातचीत करते रहे। इस दौरान मरीज से गिनती करवाई, वस्तुओं की पहचान करवाई और हाथ-पैर हिलवाए। जैसे ही सर्जिकल उपकरण ट्यूमर के साथ-साथ स्पीच एरिया के पास पहुंचा, बृजेश की बोलने की क्षमता अस्थायी रूप से प्रभावित हुई। डॉक्टर तुरंत समझ गए और वहीं ऑपरेशन रोक दिया।
इस तकनीक से ट्यूमर को अधिकतम मात्रा में निकाला गया। साथ ही मस्तिष्क के महत्वपूर्ण 'एलोक्वेंट एरियाज' को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया। इस बेहद जटिल सर्जरी के बाद मरीज बृजेश की स्थिति स्थिर और संतोषजनक है। उनकी बोलने-चलने की क्षमता पूरी तरह सुरक्षित है।
ऑपरेशन सफल होने के बाद वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉक्टर अनुरोध पटेल ने शनिवार को मीडिया को बताया कि अभी तक यह ऑपरेशन बहराइच और तराई के अन्य जिलों में करना एक चुनौती पूर्ण कार्य था लेकिन इस चुनौती को पार कर लिया गया और मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। उन्होंने बताया कि अब जटिल ब्रेन ट्यूमर के इलाज के लिए मरीजों को दिल्ली या लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा। उन्नत तकनीक और अनुभवी टीम अब बहराइच में ही उपलब्ध है।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को 15 दिन से अधिक समय तक लगातार सिरदर्द, सुबह उठते ही उल्टी, अचानक दौरे आना, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या बोलने में दिक्कत हो, तो उसे तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए। समय पर निदान जीवन बचा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ANURAG GUPTA