प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने मुख्य सचिव से की शिष्टाचार भेंट

 


लखनऊ, 20 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल से वर्ष 2024 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सोमवार को शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ने प्रशिक्षु अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्र सेवा का एक महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूर्ण ईमानदारी, समर्पण और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा उत्तर प्रदेश की सकारात्मक छवि को सुदृढ़ बनाने में सक्रिय योगदान दें।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रशासनिक दायित्वों के प्रति संवेदनशील, सक्रिय एवं जवाबदेह रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, जन संवाद को अपनी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा बनाते हुए नियमित रूप से जनता के साथ संवाद स्थापित करें और जन सुनवाई एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त जन समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।

प्रदेश की प्रगति एवं तीव्र विकास गति पर प्रकाश डालते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। राज्य में चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं आमजन तक उनकी पहुंच में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

इस दौरान मुख्य सचिव ने प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए उनके प्रशिक्षण अनुभवों को विस्तार से जाना तथा प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की।

प्रशिक्षु अधिकारियों में आदित्य श्रीवास्तव, अनमेष वर्मा, अंशुल हिंदल, अर्पित कुमार, अयान जैन, आयुष अग्रवाल, जी. अक्षय दीपक, कुनाल रस्तोगी, मनीषा धार्वे, नौशीन, रमेशचन्द्र वर्मा, रिदम आनंद, शौर्य अरोड़ा, शिवम कुमार, शुभांशु कटियार, सुधांशु नायक, तेजस के., विनोद कुमार मीणा एवं अपराजिता आर्यन शामिल थीं। इस अवसर पर प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज, विशेष सचिव मुख्यमंत्री एवं निदेशक नागरिक उड्डयन ईशान प्रताप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन