परंपरा और प्रगति के समन्वय से ही सशक्त होगा समाज : रेखा पचौरी
कानपुर, 03 जुलाई (हि.स.)। महिलाओं का सशक्तिकरण तभी सार्थक होगा, जब वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक सोच, आत्मनिर्भरता और वित्तीय साक्षरता को अपनाएं। परंपरा और प्रगति एक-दूसरे की पूरक हैं तथा दोनों के संतुलन से ही समाज का समग्र विकास संभव है। यह बातें शुक्रवार को महिला सम्मेलन की मुख्य अतिथि रेखा पचौरी ने कहीं।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के 41वें दीक्षांत समारोह के अंतर्गत स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज़ एंड सोशल साइंसेज़ ने 'परंपरा और प्रगति : आधुनिक युग में नारी' विषय पर महिला सम्मेलन आयोजित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि रेखा पचौरी, विशिष्ट अतिथि डॉ. बनदेव कुमारी सिंह (बिंदु सिंह) और डॉ. अनीता निगम का स्वागत किया गया।
स्कूल के निदेशक डॉ. अमित कुमार मिश्रा ने नारी को समाज की आधारशिला बताते हुए कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. संदीप कुमार सिंह ने मातृत्व, संस्कार, आत्मविश्वास और महिला सशक्तिकरण पर विचार रखते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने तथा समाज से समान अवसर देने की आवश्यकता बताई।
डॉ. बनदेव कुमारी सिंह ने अपने संघर्षों के अनुभव साझा करते हुए महिलाओं को आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। वहीं डॉ. अनीता निगम ने महिला शिक्षा, आत्मनिर्भरता और व्यापक सोच को समय की आवश्यकता बताया। स्कूल की सह निदेशक डॉ. पूजा सिंह ने आर्थिक आत्मनिर्भरता और वित्तीय साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता (एनएसपीसी-2026) 'सॉइंग टू ग्रोइंग' के पोस्टर का विमोचन किया गया। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उत्पादों के स्टॉल भी लगाए गए, जो आकर्षण का केंद्र रहे। सांस्कृतिक सत्र में मनोविज्ञान विभाग की छात्रा सुष्मिता ने नृत्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनमोल शेखर श्रीवास्तव और अंजलि सचान ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप