बाढ़ के पानी के बीच ट्रैक्टर पर सवार होकर गांव पहुंचीं जिलाधिकारी
फर्रुखाबाद, 29 अगस्त (हि.स.)। गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के चलते अमृतपुर तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने शनिवार को कुड़री सारंगपुर गांव का निरीक्षण किया। बाढ़ के पानी के बीच ग्रामीणों तक पहुंचने के लिए जिलाधिकारी ने जमीनी स्थिति का जायजा लेने में किसी तरह की परेशानी को आड़े नहीं आने दिया।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर पहले फखरपुर पुल तक सरकारी वाहन से पहुंचीं। इसके बाद आगे बाढ़ का पानी भरा होने के कारण वाहन का रास्ता बंद हो गया। ग्रामीणों तक पहुंचने के लिए जिलाधिकारी ने ट्रैक्टर का सहारा लिया और ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचीं। जिलाधिकारी के इस तरह मौके पर पहुंचने से ग्रामीणों में भी प्रशासन के प्रति भरोसा दिखाई दिया।
कुड़री सारंगपुर पहुंचने के बाद जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और बाढ़ की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों से पूछा कि गांव में बाढ़ राहत सामग्री पहुंची है या नहीं और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है। इसके साथ ही पशुओं के टीकाकरण के संबंध में भी जानकारी ली गई।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को गंगा के कटान की समस्या से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने कटान की स्थिति को लेकर ग्रामीणों से जानकारी एकत्रित की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ राहत सामग्री के वितरण की स्थिति भी जानी तथा प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने गांव में बच्चों की पढ़ाई की समस्या जिलाधिकारी के सामने प्रमुखता से रखी। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में विद्यालय की व्यवस्था नहीं होने से बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है। बाढ़ के दौरान आवागमन प्रभावित होने के कारण बच्चों की शिक्षा पर और अधिक असर पड़ता है। ग्रामीणों ने गांव में विद्यालय खोले जाने की मांग जिलाधिकारी से की।
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और विद्यालय की दूरी सहित अन्य बिंदुओं का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को राहत उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्वास्थ्य, पशु टीकाकरण, राहत सामग्री और कटान सहित सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी किए जाने की बात कही।
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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar