कानपुर मेट्रो : कॉरिडोर-2 की भूमिगत डाउनलाइन सुरंग में ट्रैक बिछाने का काम पूरा : सुशील कुमार

 


कानपुर, 25 अगस्त (हि.स.)। कॉरिडोर-2 की भूमिगत डाउनलाइन सुरंग में ट्रैक बिछाने का काम पूरा होना हमारे लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। लगातार बारिश के बावजूद भूमिगत और ऊंचे मार्ग, दोनों हिस्सों में निर्माण और अन्य तकनीकी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। यह बातें मंगलवार को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहीं।

कानपुर मेट्रो के करीब 8.60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए-बर्रा-8) के निर्माण में एक और महत्वपूर्ण काम पूरा हो गया है। करीब 4.10 किलोमीटर लंबे भूमिगत हिस्से में डाउनलाइन सुरंग का ट्रैक तैयार कर लिया गया है। इससे कॉरिडोर-2 डिपो के रैंप से विजय नगर स्टेशन के पास बने रैंप तक एक तरफ की रेल लाइन तैयार हो गई है।

इस भूमिगत हिस्से की दूसरी रेल लाइन पर भी ट्रैक बिछाने का काम चल रहा है। वहीं करीब 4.50 किलोमीटर लंबे ऊंचे मार्ग के दोनों हिस्सों में भी दोनों रेल लाइनों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।

कॉरिडोर-2 की सुरंग बनाने का काम इस साल मार्च में पूरा हुआ था। इसके बाद ट्रैक बिछाने का काम शुरू किया गया। सबसे पहले रेल की पटरियों को आपस में जोड़ने के लिए वेल्डिंग की गई। इसके बाद विशेष उपकरणों की मदद से पटरियों को सुरंग के अंदर पहुंचाकर बिछाया गया। पटरियां बिछाने के बाद उनके नीचे मजबूत कंक्रीट की परत तैयार की गई। ट्रैक में ट्रेन को पटरी से उतरने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और बिजली की आपूर्ति के लिए थर्ड रेल लगाने का प्रावधान भी किया गया है।

कानपुर मेट्रो में गिट्टी रहित ट्रैक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें सामान्य रेल पटरियों की तरह गिट्टी नहीं बिछाई जाती। इस व्यवस्था में रखरखाव की जरूरत कम होती है और लंबे समय तक मेट्रो संचालन के दौरान ट्रैक को सुरक्षित और बेहतर स्थिति में बनाए रखने में मदद मिलती है।

करीब 23.50 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-1 (आईआईटी-नौबस्ता) में फिलहाल आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक करीब 15 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो का संचालन हो रहा है। कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच बचे हिस्से में भी यात्री सेवा शुरू करने की तैयारियां चल रही हैं। वहीं सीएसए से बर्रा-8 तक कॉरिडोर-2 का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप