जापान में उत्तर प्रदेश का बौद्ध सर्किट होगा आकर्षण का केंद्र, पर्यटन और निवेश के नए रास्ते तलाशेगा प्रदेश

 


जापान के साथ यूपी का बौद्ध पर्यटन संबंध और मजबूत करने पर जोर: जयवीर सिंह

लखनऊ, 23 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश टोक्यो में होने वाले 'टूरिज्म एक्सपो जापान 2026' में अपने बौद्ध सर्किट की वैश्विक ब्रांडिंग के साथ पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को नई पहचान देने की तैयारी में है। 24 से 27 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस एक्सपो में प्रदेश सरकार का फोकस जापान के भगवान बुद्ध से जुड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रिश्तों को पर्यटन से जोड़ने, जापानी पर्यटकों को उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित करने, नए टूर पैकेज विकसित कराने और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश के अवसर बढ़ाने पर रहेगा।

एक्सपो में सारनाथ से कुशीनगर तक भगवान बुद्ध की जीवन यात्रा को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही श्रावस्ती, कपिलवस्तु, कौशांबी और संकिसा को शामिल कर भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े प्रमुख स्थलों वाले यूपी के पूरे बौद्ध सर्किट को प्रदर्शित किया जाएगा।

चार दिवसीय 'टूरिज्म एक्सपो जापान 2026' में उत्तर प्रदेश को कारोबार से लेकर आम पर्यटकों तक अपनी पर्यटन संभावनाएं पहुंचाने का अवसर मिलेगा। जापान के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी केंद्र 'टोक्यो बिग साइट' में 'यात्रा का बदलता स्वरूप' (The Changing Nature of Travel) थीम पर आयोजित एक्सपो के पहले दो दिन ट्रैवल कारोबार से जुड़े लोगों के लिए, जबकि अंतिम दो दिन आम लोगों और पर्यटकों के लिए होंगे। ट्रेड डे में यूपी जापानी टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंसियों के साथ नए यात्रा कार्यक्रम और टूर पैकेज तैयार करने पर संवाद करेगा। वहीं आम पर्यटकों को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों और नए यात्रा विकल्पों की जानकारी दी जाएगी। एक्सपो की व्यापक पहुंच का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वर्ष 2025 में इसमें 82 देशों और क्षेत्रों की 1,350 कंपनियों व संस्थाओं ने हिस्सा लिया था और करीब 1.27 लाख लोग पहुंचे थे।

जापान के पर्यटकों को यूपी के बौद्ध सर्किट से जोड़ने पर जोरउत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि, 'जापान उत्तर प्रदेश के बौद्ध पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण बाजार है। भारत और जापान के बीच भगवान बुद्ध से जुड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रिश्ता काफी मजबूत है। टूरिज्म एक्सपो जापान के जरिए हमारा प्रयास है कि जापानी टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल प्लानरों से सीधे संवाद किया जाए और प्रदेश के छह प्रमुख बौद्ध स्थलों को एक जुड़े हुए पर्यटन मार्ग के रूप में पेश किया जाए।'

यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल सारनाथ सारनाथ को जुलाई 2026 में यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया जाना उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई है। टूरिज्म एक्सपो जापान 2026 में इसे यूपी के बौद्ध सर्किट की खासियत और बौद्ध पर्यटन के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में पेश किया जाएगा। प्रदेश के छह प्रमुख बौद्ध स्थलों पर पर्यटकों की संख्या 2022 में 22.40 लाख से बढ़कर 2025 में 81.83 लाख हो गई। विदेशी पर्यटकों की संख्या भी 48,498 से बढ़कर करीब 4.43 लाख पहुंची। जनवरी-जून 2026 के बीच इन स्थलों पर 30.07 लाख पर्यटक पहुंचे, जिनमें 2.02 लाख विदेशी थे। पर्यटन सुविधाएं बेहतर करने के लिए 51 योजनाओं के तहत 218 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य चल रहे हैं। वाराणसी और कुशीनगर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे भी विदेशी पर्यटकों को बौद्ध सर्किट तक पहुंचने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन बैठकों में जापानी पर्यटकों के लिए नए टूर पैकेज और यात्रा कार्यक्रम तैयार करने, बौद्ध स्थलों को जोड़कर यात्रा मार्ग विकसित करने, ठहरने की सुविधाएं बढ़ाने और वेलनेस व सांस्कृतिक अनुभवों को बेहतर बनाने पर चर्चा होगी। पर्यटन क्षेत्र में निवेश भी बातचीत का अहम हिस्सा रहेगा।

बौद्ध सर्किट के साथ यूपी के अन्य पर्यटन स्थलों की भी होगी ब्रांडिंगएक्सपो के आम लोगों के लिए खुले अंतिम दो दिनों में उत्तर प्रदेश का पवेलियन बौद्ध सर्किट के साथ वाराणसी, अयोध्या, आगरा, लखनऊ, ब्रज, वन्यजीव व ग्रामीण पर्यटन, प्रमुख उत्सवों, खानपान और पारंपरिक हस्तशिल्प को भी प्रदर्शित करेगा। इसका उद्देश्य जापानी पर्यटकों को बौद्ध स्थलों के साथ प्रदेश के अन्य पर्यटन अनुभवों से जोड़ना और उनका ठहराव बढ़ाना है। पर्यटन विभाग की ओर से विशेष सचिव एवं निदेशक पर्यटन मृदुल चौधरी और निदेशक पर्यटन (ईको) पुष्प कुमार के. प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन