प्राचीन एवं धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास कार्यों में तेजी लाएं : जिलाधिकारी

 


मुरादाबाद, 7 नवम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न प्राचीन, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर कराए जा रहे पर्यटन विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी अनुनय ने दो टूक कहा कि प्राचीन एवं धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास कार्यों में तेजी लाएं। बैठक में जिला पर्यटन अधिकारी एवं परियोजना प्रबंधक, उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा जनपद में संचालित विभिन्न पर्यटन विकास परियोजनाओं की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।

बैठक में ग्राम ढाकी, विकासखंड छजलैट स्थित प्राचीन शिव मंदिर, लालबाग स्थित काली माता मंदिर, विकासखंड कुंदरकी स्थित प्राचीन महादेव मंदिर, ग्राम लोधीपुर विश्नोई, हरथला स्थित विश्नोई मंदिर, काशीराम नगर स्थित श्री द्वारकाधीश मंदिर, घोसीपुरा स्थित मोहिनी मंदिर, तहसील ठाकुरद्वारा के ग्राम शेरपुर स्थित चामुंडा देवी मंदिर, शिव विहार कॉलोनी स्थित नट बाबा मंदिर तथा ग्राम भीतखेड़ा, विकासखंड मूंढापांडे स्थित हनुमान मंदिर में कराए जा रहे पर्यटन एवं बहुउद्देशीय विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के प्राचीन एवं धार्मिक स्थलों का विकास स्थानीय आस्था, संस्कृति एवं विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी परियोजनाओं में मूलभूत सुविधाओं के विकास, सौंदर्यीकरण एवं अन्य आवश्यक कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि परियोजनाओं के निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक कार्य की नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुमोदित योजनाओं के एस्टीमेट तत्काल कार्यदायी संस्था यूपीएसआईडीसीओ को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि विकास कार्यों को शीघ्र गति प्रदान की जा सके।

बैठक में इको-टूरिज्म परियोजना के अंतर्गत तहसील कांठ के विकासखंड छजलैट स्थित मोड़ा तैया झील के विकास कार्य की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि इस परियोजना के लिए 3.50 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है तथा कार्यदायी संस्था द्वारा आर्किटेक्ट के माध्यम से परियोजना का एस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एस्टीमेट का कार्य शीघ्र पूर्ण कराते हुए तत्काल शासन को प्रेषित किया जाए, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल