सपा में ‘लेटर वॉर’ पर तूफानी सरोज का पलटवार, बोले अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं
जौनपुर,18 मार्च (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लिखे पत्र के गोपनीय पत्र केवायरल हुए और आंतरिक खींचतान के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद तूफानी सरोज ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। बुधवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम लिखा गया पत्र सार्वजनिक करना “घोर अनुशासनहीनता” है और इससे संगठन को नुकसान पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों के निर्देश भले ही जिला स्तर पर दिए जाते हों, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि आयोजन केवल एक ही स्थान पर हो। कांशीराम की जयंती पर पूरे प्रदेश में अलग-अलग विधानसभाओं में कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। अगर किसी को आपत्ति थी तो उसे संगठनात्मक स्तर पर ही उठाया जाना चाहिए था, न कि उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जाता।
केराकत में आयोजित कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद पर सरोज ने कहा कि यह आयोजन कार्यकर्ताओं की मांग पर किया गया था। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी, जहां 300 से अधिक लोगों ने रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए, जबकि कई लोग भीड़ के कारण ऐसा नहीं कर सके।
तूफानी सरोज ने पार्टी में गुटबाजी की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में पार्टी सभी 9 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति को पार्टी की असली ताकत बताते हुए कहा कि इससे समाज के हर वर्ग का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।
अपनी बेटी प्रिया सरोज के समर्थन में भी वह मजबूती से खड़े नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाकर भाजपा को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने साफ कहा कि कांशीराम का जन्मदिन मनाना कोई गलत काम नहीं है और भविष्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती भी जिले भर में भव्य रूप से मनाई जाएगी।
अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करें और ‘साइकिल’ को जिताने के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव