कानपुर की ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने के लिए सरकार के समक्ष रखे गए तीन प्रस्ताव : रमेश अवस्थी
कानपुर, 27 जुलाई (हि.स.)। कानपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर उसे पर्यटन के मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार के समक्ष तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए हैं। यह बातें कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने सोमवार को कहीं।
सांसद रमेश अवस्थी की ओर से उनके प्रतिनिधि उपेंद्र शुक्ला और दीपक शुक्ला ने कानपुर मंडलायुक्त कार्यालय में आयोजित उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री की जनप्रतिनिधि बैठक में शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े तीन प्रमुख प्रस्ताव प्रस्तुत किए। प्रतिनिधियों ने कहा कि कानपुर स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण भूमि रहा है और यहां की विरासत को पर्यटन के माध्यम से नई पहचान दिलाने की आवश्यकता है।
पहले प्रस्ताव में फूलबाग के निकट 'तीन मूर्ति सद्भाव चौक' स्थापित करने का सुझाव दिया गया। इसमें अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी, मौलाना हसरत मोहानी और ध्वज गीत 'विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा' के रचयिता पंडित श्यामलाल गुप्त 'पार्षद' की प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग की गई। प्रतिनिधियों का कहना था कि ये तीनों महान विभूतियां राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और देशभक्ति के प्रतीक हैं।
दूसरे प्रस्ताव में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक अमर शहीद गंगू वाल्मीकि की शहादत स्थली चूड़ीगंज में उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग की गई, ताकि उनके बलिदान की स्मृति को संरक्षित किया जा सके।
तीसरे प्रस्ताव में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के न्यायपूर्ण शासन, कुशल प्रशासन और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में उनके योगदान का उल्लेख करते हुए कानपुर नगर के किसी प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर उनकी प्रतिमा स्थापित करने का अनुरोध किया गया।
प्रतिनिधियों ने कहा कि इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से कानपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से प्रस्तावों को स्वीकृति देकर आवश्यक कार्रवाई कराने का अनुरोध किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप