ज्वेलर्स से 13 लाख की ठगी के मामले में तीन पुलिसकर्मी निलंबित
कानपुर, 12 जून (हि.स.)। जिले में ज्वेलर्स कारोबारी से लाखों रुपये के आभूषण ठगी कर ले जाने के मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने शुक्रवार को फीलखाना थाना प्रभारी समेत दो उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि आरोपित की गिरफ्तारी के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर जानकारी भी नहीं दी गई। मामले में विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
पनकी क्षेत्र के रहने वाले अवनीश मिश्रा का ज्वेलरी कारोबार है। उन्होंने बताया कि सात मई की शाम वह अपने कर्मचारी आशीष मिश्रा के साथ मरम्मत और फिनिशिंग के लिए दिए गए आभूषण लेकर जा रहे थे। बिरहाना रोड पर कुछ लोगों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए उन्हें रोक लिया। आरोप है कि संदिग्ध व्यक्तियों ने बैग की तलाशी के नाम पर दबाव बनाया और विरोध करने पर कर्मचारी के साथ मारपीट भी की। जांच के दौरान आरोपिताें ने आभूषणों से भरा बॉक्स अपने कब्जे में ले लिया और मौके से फरार हो गए। बैग में सोने के हार, कंगन, नथुनी समेत करीब 13 लाख रुपये के जेवर रखे थे। घटना के बाद पीड़ित ने आसपास के लोगों और दुकानदारों को जानकारी दी, लेकिन तब तक आरोपी निकल चुके थे।
जांच के दौरान पुलिस ने मध्य प्रदेश के होशंगाबाद क्षेत्र से एक आरोपित शेख मुख्तार उमर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से कुछ आभूषण भी बरामद किए गए। हालांकि बाद में यह मामला सामने आया कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कई स्तरों पर नियमों का पालन नहीं किया गया और इसकी सूचना भी अधिकारियों तक विलंब से पहुंची।
डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि मामले की समीक्षा में फीलखाना थाना प्रभारी अजय मिश्रा तथा उपनिरीक्षक करण पाल सिंह और अनिल कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद तीनों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।----------------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप