शिवपुर में गैस सिलेंडर में लगातार तीन ब्लास्ट, चूल्हा मरम्मत की दुकान में लगी आग, मची अफरातफरी
वाराणसी। शिवपुर थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम रेलवे फाटक के पास गैस चूल्हे की मरम्मत करने वाली दुकान में भीषण आग लग गई। आग के बीच एक के बाद एक तीन गैस सिलेंडरों में विस्फोट होने से इलाके में अफरातफरी मच गई। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के साथ राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
घटना सोनकली बालिका इंटर कॉलेज के पश्चिमी तरफ रेलवे क्रॉसिंग से राजमार्ग को जोड़ने वाले मार्ग पर हुई। यहां दुकानों की एक कतार है, जिसमें करीब एक दर्जन दुकानें बताई जा रही हैं। इनमें सबसे आखिरी दुकान संजय तिवारी की बताई जा रही है। दुकान में गैस सिलेंडर और चूल्हे बेचने के साथ चूल्हों की मरम्मत का काम भी किया जाता था। बुधवार शाम अचानक दुकान से आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
10-10 मिनट के अंतराल पर हुए धमाके
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुकान में आग लगने के बाद एक सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हुआ। इसके करीब 10 से 15 मिनट बाद दूसरा सिलेंडर फट गया। लगभग 10 मिनट बाद तीसरे सिलेंडर में भी विस्फोट हो गया। लगातार हुए तीन धमाकों से आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। धमाकों की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई देने की चर्चा रही। दुकान से उठती ऊंची लपटों और विस्फोटों के कारण लोग घटनास्थल से दूर हटने लगे।
अवैध गैस रिफिलिंग की आशंका
स्थानीय लोगों ने दुकान में बड़े स्तर पर गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग किए जाने की आशंका जताई है। माना जा रहा है कि गैस भरने के दौरान आग लगने से हादसा हुआ होगा। हालांकि, दुकान में अवैध गैस रिफिलिंग किए जाने या इसी वजह से विस्फोट होने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस और दमकल की टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। लगातार विस्फोटों के चलते घटनास्थल के आसपास भय का माहौल बना रहा। इस घटना ने दुकान में गैस सिलेंडरों के भंडारण और संभावित रिफिलिंग की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घनी आबादी और दुकानों के बीच यदि सुरक्षा मानकों के बिना गैस भरने का काम किया जा रहा था, तो इससे आसपास के लोगों की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।