हजारों दीपों से जगमगाया केन घाट, टीना मां बोलीं- मां केन सिर्फ नदी नहीं, जीवनदायिनी हैं
बांदा, 05 नवंबर (हि.स.)। मां केन सिर्फ नदी नहीं, मां हैं। जिस तरह मां अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी तरह मां केन पूरे बांदा का पालन करती हैं। बनारस की तर्ज पर यहां महाआरती देखकर मन गदगद हो गया। सनातन की शक्ति ही भारत की शक्ति है। सनातनी किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंदगिरी (टीना मां) ने ये विचार गुरुवार को केन नदी तट पर आयोजित भव्य मां केन उत्सव में व्यक्त किए।
केन नदी आरती स्थल घाट पर जिला गंगा समिति, गंगा समग्र और विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा समिति के संयुक्त तत्वावधान में मां केन उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर मां केन की महाआरती की। हजारों दीपों से सजा केन घाट अद्भुत छटा बिखेरता नजर आया। श्रद्धालुओं ने दीपदान कर नदी के जल में दीप प्रवाहित किए। इस दौरान पूरा घाट 'जय मां केन और हर-हर गंगे' के जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित जल योद्धा उमाशंकर पांडे ने नदी संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि केन जैसी निर्मल नदी को बचाना सभी की जिम्मेदारी है। नदी को मां मानने का वास्तविक अर्थ उसकी स्वच्छता बनाए रखना है। नदी में गंदा पानी और प्लास्टिक न डालना ही उसकी सच्ची आरती है।
जिला मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पांडे ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि नदी संरक्षण और स्वच्छता के लिए जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा। वहीं वन प्रभागीय अधिकारी पंकज कुमार शुक्ला ने कहा कि वन विभाग केन नदी के किनारे हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। नदी बचेगी तो जंगल बचेंगे और जंगल बचेंगे तो जीवन सुरक्षित रहेगा।
विशिष्ट अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी मुस्कान सखी मां ने भी धार्मिक और सामाजिक एकजुटता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश संयुक्त महामंत्री चारु चंद्र खरे, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री कमलेश कुमार गुप्ता, जिला प्रभारी गोपाल चंद्र अवस्थी, महोबा की किन्नर प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष किशोरी सखी, जिला उपाध्यक्ष रैना किन्नर तथा विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रिंट मीडिया प्रकोष्ठ प्रवीण सिंह चंदेल सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।
आयोजक एवं विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा समिति के जिलाध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति ने अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार जताते हुए कहा कि मां केन को निर्मल रखना, गौ माता की रक्षा करना और सनातन संस्कृति को मजबूत करना उनका संकल्प है। नदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि जीवन है। केन बचेगी तो बांदा बचेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मां केन उत्सव की यह परंपरा हर वर्ष और भव्य स्वरूप में आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, दीपदान, रंगोली प्रतियोगिता और आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रहे। अंत में श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह