स्मार्ट मीटर को लेकर सपा का जोरदार विरोध, सीबीआई जांच की मांग
गोरखपुर, 25 अप्रैल (हि.स.)। स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने इसे “आर्थिक घोटाला” बताते हुए सीबीआई जांच की मांग उठाई है। गोरखपुर महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।
ज्ञापन सौंपते हुए शब्बीर कुरैशी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह बिजली का बिल नहीं, बल्कि जनता पर डिजिटल डकैती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उपभोक्ता की सहमति के पोस्टपेड मीटर को प्रीपेड में बदला जा रहा है, जो विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) का उल्लंघन है।
आरोपों की झड़ी, सरकार पर निशाना
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल तीन से चार गुना तक बढ़ गए हैं। साथ ही बिना पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति बाधित करने और भुगतान के बाद भी आपूर्ति बहाल न होने जैसी समस्याओं को गंभीर बताया गया।
गोरखपुर, जो मुख्यमंत्री का गृह जनपद माना जाता है, वहां भी हालात चिंताजनक बताए गए। पार्टी के अनुसार, यहां 2.5 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और आम जनता विभागीय कार्यशैली से परेशान है।
सपा की प्रमुख मांगें
समाजवादी पार्टी ने राज्यपाल से मांग की है कि कथित स्मार्ट मीटर घोटाले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराई जाए। साथ ही, प्रीपेड मीटर की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई है।
जन-आंदोलन की चेतावनी
शब्बीर कुरैशी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी प्रदेशव्यापी जन-आंदोलन छेड़ेगी।
प्रतिनिधिमंडल रहा मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान अवधेश यादव, काजल निषाद, नगीना प्रसाद साहनी सहित बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
निष्कर्षतः, स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ता विरोध अब राजनीतिक रूप लेता दिख रहा है, जिससे आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय