कानपुर मेट्रो के अंडरग्राउंड सेक्शन में थर्ड रेल इंस्टॉलेशन शुरू : सुशील कुमार

 


कानपुर, 24 जून (हि.स.)। कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 के अंडरग्राउंड सेक्शन में थर्ड रेल इंस्टॉलेशन का कार्य शुरू कर दिया गया है। कॉरिडोर-1 के शेष सेक्शन पर यात्री सेवा विस्तार की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और नौबस्ता तक मेट्रो संचालन के लिए तेजी से काम चल रहा है। यह बातें बुधवार को यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने नवनिर्मित स्टेशनों और कॉरिडोर-2 डिपो के दौरे के दौरान कहीं।

कानपुर मेट्रो परियोजना के दूसरे कॉरिडोर (सीएसए-बर्रा-8) के अंडरग्राउंड हिस्से में बुधवार से थर्ड रेल इंस्टॉलेशन का कार्य शुरू हो गया। इसके तहत सबसे पहले थर्ड रेल के लिए ब्रैकेट लगाने का काम आरंभ किया गया है। वर्तमान में यह कार्य कॉरिडोर-2 डिपो के पास स्थित रैंप और काकादेव स्टेशन के बीच डाउन लाइन टनल में किया जा रहा है।

मेट्रो अधिकारियों के अनुसार कॉरिडोर-2 में ट्रैक निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए ट्रैक बिछाने और थर्ड रेल इंस्टॉलेशन का कार्य समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।

कानपुर मेट्रो की ट्रेनें 750 वोल्ट डीसी आधारित थर्ड रेल प्रणाली से संचालित होती हैं। इस व्यवस्था में पारंपरिक ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि ट्रैक के समानांतर बिछाई गई अतिरिक्त रेल के माध्यम से ट्रेनों को विद्युत आपूर्ति दी जाती है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रणाली का रखरखाव अपेक्षाकृत कम होता है और पतंगबाजी समेत अन्य बाहरी कारणों से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना भी कम रहती है। इसके अलावा ओवरहेड तारों का नेटवर्क न होने से शहरी सौंदर्य भी बेहतर बना रहता है।

इस दौरान यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कॉरिडोर-1 के शेष सेक्शन कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक के नवनिर्मित स्टेशनों का दौरा कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण की शुरुआत कानपुर सेंट्रल स्टेशन से हुई, जिसके बाद अन्य स्टेशनों पर चल रहे निर्माण और यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।

उन्होंने बताया कि कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक के सेक्शन को परिचालन के लिए तैयार किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर अंतिम चरण के कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। हाल ही में 11 से 14 जून के बीच मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) की टीम ने सेक्शन का प्रारंभिक निरीक्षण किया था। आगामी दिनों में विस्तृत निरीक्षण होने की संभावना है। सभी आवश्यक अनुमोदन मिलने के बाद नौबस्ता तक यात्री सेवाओं का विस्तार कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि लगभग 24 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-1 के तहत वर्तमान में आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक करीब 16 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर मेट्रो सेवाएं संचालित हो रही हैं। वहीं शेष सेक्शन पर टेस्टिंग कार्य शुरू हो चुका है। दूसरी ओर करीब 8.60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 का सिविल निर्माण कार्य भी तेज गति से जारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप