भाजपा में महिलाओं का सम्मान नहीं : सपा नेता विजय रावत
- महिला आरक्षण लागू करने की मांग काे लेकर सपा नेता विजय रावत के नेतृत्व में किया गया प्रदर्शन
देवरिया, 04 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में बरहज विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता विजय रावत के नेतृत्व में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल लागू करने में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)की मंशा साफ न हाेने काे लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बिल को महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया।
विजय रावत ने कहा कि तथाकथित महिला आरक्षण बिल नारी के अधिकारों का हरण करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा, महंगाई, बेरोजगारी और अशिक्षा के कारण महिलाएं भाजपा से दूरी बना रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगियों की संकीर्ण सोच आधुनिक नारी शक्ति को स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस बिल को लेकर उठाए जा रहे सवाल विरोध नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए खींची गई “लक्ष्मण रेखा” हैं। उनके अनुसार यह बिल पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं के खिलाफ है और समाज में विभाजन की साजिश है।
सपा नेता श्री रावत ने आरोप लगाया कि यह महिलाओं को अधिकार देने के बजाए उनकी ताकत को बांटकर कमजोर करने की योजना है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियां समाज में नफरत और विभाजन फैलाने वाली रही हैं और अब महिलाओं की एकजुट शक्ति को भी बांटने का प्रयास किया जा रहा है।
श्री रावत ने बिल के आधार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर आधारित आरक्षण न्यायसंगत नहीं हो सकता। जब तक नई जनगणना और जातिवार आंकड़े सामने नहीं आते, तब तक इस तरह के फैसले उचित नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी बिल के खिलाफ नहीं, बल्कि उसके “शोषणकारी तरीके” और “गलत मंशा” का विरोध कर रही है। उन्होंने इसे भाजपा की “दरारवादी राजनीति का काला दस्तावेज” बताते हुए कहा कि जब तक प्रक्रिया में सुधार नहीं होगा, विरोध जारी रहेगा।
इस दौरान अमित प्रधान, संजय सिंह, राहुल यादव, अजीत जोगी, विकास यादव, वीरेंद्र कुमार, रणविजय सिंह, दिनेश यादव, विक्की सिंह और महावीर गुप्ता सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक