सरयू के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन अलर्ट, एडीएम ने बाढ़ प्रभावित गांवों का लिया जायजा

 


बाराबंकी, 17 अगस्त (हि.स.)। सरयू (घाघरा) नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप सिंह के निर्देशन में बाढ़ प्रभावित और संभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। रामसनेहीघाट तहसील के पांच गांवों में अब तक 1,430 प्रभावित परिवारों को राशन और बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी है।

इसी क्रम में सोमवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) निरंकार सिंह ने तहसील रामनगर क्षेत्र के बाढ़ संभावित एवं नदी किनारे स्थित गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सुन्दरनगर और हेतमापुर स्थित स्थायी बाढ़ शरणालयों सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया। एडीएम ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताओं की जानकारी ली।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही राहत सामग्री, नावों, पशुओं के लिए भूसा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने को कहा।

प्रशासन की ओर से रामसनेहीघाट के ग्राम टिकरी, कोईलावर, गुनौली, डेमा और जलालपुर तराई में राहत सामग्री का वितरण किया जा चुका है। वहीं, जनपद की अन्य बाढ़ संभावित तहसीलों में भी उपजिलाधिकारी और राजस्व अधिकारी संवेदनशील गांवों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान एसडीएम रामनगर आकांक्षा गुप्ता सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी