बुलेट के मोडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न पर परिवहन विभाग का कड़ा प्रहार, दर्जनों वाहनों के पंजीकरण निलंबित

 


मथुरा, 09 मई(हि.स.)। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन में शनिवार मथुरा के प्रवर्तन अधिकारियों ने शहर को शोर मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध एक बड़ा चेकिंग अभियान चलाया। इस कार्रवाई से नियम तोड़ने वाले वाहन स्वामियों में हड़कंप मच गया।

वरिष्ठ एआरटीओ (प्रवर्तन) राजेश राजपूत के नेतृत्व में एआरटीओ सत्येन्द्र कुमार सिंह, यात्रीकर अधिकारी संदीप चौधरी और पूजा सिंह की टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में सघन चेकिंग की। टीम ने 185 वाहनों की जाँच की जिसमें विशेष रूप से बुलेट जैसे दोपहिया वाहनों में मानक के विपरीत लगे साइलेंसरों की जाँच की।

दो दर्जन से अधिक वाहनों पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 के उल्लंघन के तहत कार्रवाई करते हुए उनके पंजीकरण निलंबित कर दिए गए। वहीं प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न का उपयोग करने वाले 11 वाहनों के भी चालान काटे गए। एआरटीओ ने सड़कों को नुकसान पहुँचाने और हादसों का सबब बनने वाले ओवरलोड वाहनों पर भी कड़ा एक्शन लिया गया।

एआरटीओ राजेश राजपूत ने 05 ओवरलोड वाहनों को पकड़कर उन्हें थाना सुरीर और थाना मांट में निरुद्ध कराया। उन्होंने चेतावनी और अपील करते हुए कहा नियमों के उल्लंघन पर 10,000 रुपये का जुर्माना और पंजीकरण निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्कूल बस संचालकों और अभिभावकों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। कहा, हमारा लक्ष्य केवल राजस्व वसूलना नहीं, बल्कि मथुरा को सुरक्षित और शोर मुक्त बनाना है। अभिभावक अपने बच्चों को जर्जर बसों या वैन में न भेजें और स्कूल संचालक समय पर फिटनेस और परमिट की प्रक्रिया पूरी करें, अन्यथा जब्ती की जाएगी। आज के अभियान में 185 वाहन चेक किए गए हैं जिसमें पांच ओवरलोड वाहन बंद किए गए है। यातायात नियमों के उल्लंघन में टीम ने 10 हजार की जुर्माना राशि वसूली है।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार