गरीबों को जाल में फंसाकर चल रहा था धर्मांतरण का नेटवर्क

 


कानपुर देहात, 10 जनवरी (हि.स.)। जनपद के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन से लेकर आम जनता तक को चौंका दिया है। “नवाकांती सोसाइटी” के नाम से संचालित एक संस्था पर आरोप लगा है कि वह वर्षों से गरीब, असहाय और दलित समुदाय के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही थी। इस पूरे मामले की शिकायत राम भरोसे नामक व्यक्ति ने पुलिस से की, जो स्वयं करीब 10 वर्षों तक संस्था से जुड़ा रहा और पहले ही धर्म परिवर्तन करा चुका था।

राम भरोसे ने बताया की शुरुआत में संस्था की ओर से सिलाई मशीन, ब्यूटी पार्लर, हेयर कटिंग और अन्य कौशल प्रशिक्षण देने के नाम पर लोगों को जोड़ा जाता था। बैठकों के दौरान हैंडपम्प, घरेलू उपकरण, रोजगार के साधन और अन्य सुविधाएं दिलाने का लालच दिया जाता था। जो लोग औरों को जोड़कर लाते थे, उन्हें 6,000 रुपये प्रतिमाह देने का प्रलोभन भी दिया जाता था। धीरे-धीरे इन बैठकों का स्वरूप बदलने लगता था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मीटिंग में पहले सामान्य बातचीत होती, फिर बाइबल पढ़वाई जाती, ईसाई प्रार्थनाएं कराई जातीं और धर्म परिवर्तन के लिए कसमे-वादे कराए जाते थे। कुछ बैठकों में सफेद पैंट-शर्ट पहने विदेशी नागरिकों की मौजूदगी दिखाई देती है, जिससे पूरे नेटवर्क पर शक और गहरा गया।

पीड़ित परिवार की माने तो जब उन्होंने इन गतिविधियों पर सवाल उठाए और धर्म परिवर्तन से इनकार किया तो उन्हें रुपये दुगने लौटाने और जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। डर और दबाव से परेशान होकर उन्होंने आखिरकार पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

हैरानी की बात यह है कि यह कथित गतिविधि अकबरपुर कोतवाली से महज 500 मीटर की दूरी पर करीब 10 वर्षों से चल रही थी, लेकिन अब तक पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन नाम दर्ज सहित चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की और डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी और सावित्री शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

जनपद की पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डे ने बताया कि पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी है। जल्द ही इस नेटवर्क के अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार/अवनीश

हिन्दुस्थान समाचार / अवनीश अवस्थी