देवरिया : जिलाधिकारी ने की जल निगम, सिंचाई और बाढ़ परियोजनाओं की समीक्षा, लापरवाही पर बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता का रोका वेतन

 


देवरिया, 04 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में जल निगम, विद्युत, सिंचाई, लघु सिंचाई, नलकूप एवं बाढ़ विभाग की समीक्षा बैठक कर जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान नगर पालिका क्षेत्र में निर्माणाधीन नाले के कार्य में बाधा बन रहे विद्युत पोल को समय पर शिफ्ट न किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिशासी अभियंता (विद्युत-सदर) से स्पष्टीकरण तलब करते हुए उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान जल निगम (ग्रामीण एवं नगरीय), नलकूप, सिंचाई और बाढ़ विभाग की परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए सलेमपुर में 8, सदर में 15, रुद्रपुर में 3, बरहज में 2 और भाटपाररानी में एक स्थान पर भूमि की आवश्यकता है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित उपजिलाधिकारियों को शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

डीएम ने जल निगम के अधिकारियों को पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कर उसका विवरण प्रस्तुत करने तथा अंतिम छोर तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग को रजवाहों की सफाई, अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने और कार्यों के फोटोग्राफ उपलब्ध कराने को कहा गया।

बाढ़ विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं समय से पूरी करने, कानूनगो के माध्यम से स्थलीय सत्यापन कराने तथा संभावित बाढ़ राहत शिविरों के लिए विद्यालयों की सूची और प्रधानाचार्यों के मोबाइल नंबर पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ राहत सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

लघु सिंचाई विभाग को निर्देश दिया गया कि अधिक से अधिक किसानों को योजनाओं से जोड़ा जाए तथा निःशुल्क बोरिंग की सुविधा प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाए। साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए रूफ वाटर हार्वेस्टिंग को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी वी.के. सिंह, बाढ़, सिंचाई, नलकूप, लघु सिंचाई, जल निगम (ग्रामीण एवं नगरीय) तथा विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक