चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन भारतीय संस्कृति में नवचेतना और ऊर्जा का प्रतीक : प्रो. अविनाश

 




जौनपुर,19 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस)के जौनपुर नगर के तत्वावधान में वर्ष प्रतिपदा उत्सव एवं आद्य सरसंघचालक प्रणाम कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को बजरंग शाखा ताड़तला में किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए भारतीय नववर्ष के महत्व को आत्मसात किया।

मुख्य वक्ता प्रोफेसर अविनाश पार्थडिकर ने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन भारतीय संस्कृति में नवचेतना और ऊर्जा का प्रतीक है। इस दिन प्रकृति में नवीन सृजन का आरंभ होता है। उन्होंने कहा कि ग्रेगोरियन नववर्ष की अपेक्षा यह तिथि प्रकृति और जीवन के अधिक निकट है। इसी पावन दिन संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म भी हुआ था, जो राष्ट्रभक्ति और संगठन निर्माण के प्रेरणास्रोत हैं।कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों को नियमित शाखा जाने, समाज जीवन में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा परिवार प्रबोधन का संकल्प दिलाया गया। वक्ताओं ने संगठन के अनुशासन, सेवा और राष्ट्र समर्पण की भावना को और मजबूत करने पर जोर दिया।

इस अवसर पर नगर संघचालक धर्मवीर, नगर प्रचारक मंगलेश्वरम जी, नगर कार्यवाह डॉ. राजीव, सह जिला कार्यवाह रविंद्र, बौद्धिक प्रमुख अतुल, अनिल, राजीव, अविनाश, अरुण, अजय, सत्येंद्र, हर्षवर्धन, नारायण ओमप्रकाश, दिनेश, सुनील, पंकज, दीपक और संदीप सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत एवं संघ प्रार्थना के साथ हुआ।---------

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव