देश की सत्ता संविधान से चलती है, न कि किसी शरीयत से: डॉ संजय निषाद
जौनपुर,11 अप्रैल (हि.स.)। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद ने शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने का संदेश देते हुए आरक्षण, संविधान और आगामी चुनावों जैसे अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी।
डॉ. निषाद ने इसे कार्यकर्ताओं की बैठक बताते हुए कहा कि यहां मौजूद सभी लोग “अखाड़े के पहलवान” हैं, जो अपने समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जिसका दल, जिसका बल, उसी की समस्या का समाधान होता है।” साथ ही कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे उन लोगों का पर्दाफाश करें, जिन्होंने उनके आरक्षण अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास किया है। उन्होंने सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि बच्चों की शिक्षा, बेटियों की शादी और इलाज के लिए सरकार लगातार आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को राहत मिल रही है।
देश की शासन व्यवस्था पर डॉ. निषाद ने कहा, “देश की सत्ता संविधान से चलती है, न कि किसी शरीयत से।” उन्होंने संविधान की सर्वोच्चता पर जोर देते हुए इसे लोकतंत्र की आधारशिला बताया। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा चुनाव आयोग को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि जो नेता चुनाव जीतकर आए हैं, उन्हें पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे किस आधार पर जीते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि कोई खुद को एजेंट बताता है, तो उसे पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
ओम प्रकाश राजभर के जौनपुर की दो सीटों से चुनाव लड़ने की अटकलों पर उन्होंने कहा कि गठबंधन व्यक्तिगत बयानों से नहीं, बल्कि बड़े दलों के आपसी समन्वय से तय होता है। इस विषय पर भारतीय जनता पार्टी और गृह मंत्री स्तर पर बातचीत की जाएगी। अंत में, डॉ. निषाद ने असम और पश्चिम बंगाल में भी एनडीए की सरकार बनने का दावा करते हुए आगामी चुनावों में जीत का विश्वास जताया।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव