शिक्षित बेटियों के हाथों में समाज का उज्ज्वल भविष्य: देवकीनंदन महाराज

 




मथुरा, 05 अगस्त(हि.स.)। वृन्दावन प्रियाकान्तजु मंदिर पर पार्थिव शिवलिंग महोत्सव के अंतिम दिन बुधवार ब्रज के जरूरतमंद परिवार की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए सहयोग प्रदान किया गया । प्रियाकान्तजु मंदिर संस्थापक देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज, संस्कृति विश्वविद्यालय कुलाधिपति सचिन गुप्ता एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजापा) के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने चयनित छात्राओं को एडमीशन लैटर सौंपे। आयोजन के अंतिम दिवस शिवभक्तों ने 4 लाख 65 हजार पार्थिव बनाकर 21 लाख शिवलिंग निर्माण एवं अभिषेक का संकल्प पूर्ण किया।

बुधवार को प्रियाकान्तजु मंदिर पर विश्व शांति सेवा चौरीटेबल ट्रस्ट एवं संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा चयनित बेटियों को इंजीनियरिंग एवं अन्य कोर्सेस की निःशुल्क शिक्षा के लिये सहयोग प्रदान किया गया । इनमें अभी बी. टेक., बीसीए, बीबीए, एमबीए, एमसीए, बीएससी एग्रीकल्चर एवं अन्य डिग्री कोर्स में काउन्सलिंग पूर्ण करने वाली 14 छात्राओं को प्रवेश स्वीकृति पत्र दिया गया है।

बेटियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुये देवकीनंदन महाराज ने कहा कि शिक्षित बेटियों के हाथ में समाज का भविष्य उज्ज्वल होता है । उन्हाेंने कहा कि अगर हमारी बेटियां पढ़ी लिखीं होंगी तो समाज भी विकास की और आगे बढ़ेगा। युवाओं को शिक्षा के साथ सांस्कृतिक रूप से भी समृद्व होना चाहिये। सनातन संस्कृति पीठ के माध्यम से गुरूकुल निर्माण कर आधुनिक शिक्षा के साथ सनातनी शिक्षा भी प्रदान की जायेगी ।

संस्कृति विश्वविद्यालय कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने कहा कि देवकीनंदन महाराज कन्या शिक्षा के लिये जो मुहिम चला रहे हैं, हम भी उसमें अपना सहयोग देकर हर्ष का अनुभव कर रहे हैं । चयनित बेटियाँ शिक्षा का सही उपयोग कर अपने उन्नत जीवन का निर्माण करेंगी ।

उन्होने कहा कि शिक्षा का सही उपयोग व्यक्ति का जीवन बदल सकता है । जैन-जी को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने की आवश्यकता है, इसकी जिम्मेदारी बच्चों के माता-पिता की भी बनती है ।

आयोजन में शामिल हुये भाजपा के कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि इस समय हमें अपनी संस्कृति बचाने की सबसे ज्यादा आवश्यकता है । हमारे परिवार किस दिशा में जा रहे हैं, क्यों टूट रहे हैं इस पर चिंतन की जरूरत है । उन्हाेंने कहा कि बहु को बेटी मानकर उसके साथ स्वंय भी जिम्मेदारी उठानी चाहिये। संस्कृति के अन्दर ही धर्म छुपा हुआ है, धर्म का अर्थ परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्य है ।

ट्रस्ट सचिव विजय शर्मा ने बताया कि विश्व शांति सेवा चौरीटैबल ट्रस्ट द्वारा प्रतिवर्ष 125 बेटियों को शिक्षा के लिए ‘प्रियाकान्तजु कन्या विद्याधन’ प्रदान किया जाता है । इस बार इंजीनियरिंग एवं अन्य बड़े कोर्सेस के लिये भी बेटियों का चयन किया गया । इस वर्ष जरूरतमंद छात्राओं के लिये पूर्ण उच्च शिक्षा के लिए 1 करोड़ रूपये का बजट रखा गया है। इससे पूर्व मुख्य यजमान सूरज देवी, सोनी मलिक, कायरा, डा0 अनुराग शर्मा, कुमुदनी-सुधीर कुमार वर्मा ने व्यासपीठ पूजन कर आरती उतारी । मंदिर प्रबंधक रवि रावत, मनमोहन शर्मा, मीडिया प्रभारी जगदीश वर्मा, एसपीएल सचिव योगेश शर्मा मौजूद रहे ।--------------------

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार