एडीएम खुद गड्ढे में उतरे, जमीन से महज सात इंच नीचे बिछी मिली पाइपलाइन

 


जल जीवन मिशन के कार्यों में मिलीं खामियां, श्री हरि कंपनी के काम की जांच के दिए निर्देश

हमीरपुर, 13 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता परखने के लिए अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) विजय सिंह ने मंगलवार को मिश्रीपुर गांव के मजरा छोटा सिमरा और बड़ा सिमरा में औचक निरीक्षण किया। छोटा सिमरा में पाइपलाइन बिछाने के काम में बड़ी लापरवाही सामने आई। पाइपलाइन की गहराई जांचने के लिए एडीएम खुद गड्ढे में उतरे तो पाइपलाइन जमीन से महज सात इंच नीचे मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान छोटा सिमरा में श्री हरि कंपनी की ओर से बिछाई जा रही पाइपलाइन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। एडीएम ने जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता को मामले की जांच कराकर मानकों के विपरीत काम पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन पर्याप्त गहराई में बिछाई जाए, ताकि भारी वाहनों की आवाजाही से वह क्षतिग्रस्त न हो और पेयजल आपूर्ति बाधित न हो। इसके बाद एडीएम ने बड़ा सिमरा में जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। यहां कई स्थानों पर नलों की टोटियां गायब मिलीं। वहीं, कुछ ग्रामीण पाइपलाइन के पानी से वाहन धोते और खेतों व रास्तों की तराई करते मिले। इससे पानी नालियों में बहकर बर्बाद हो रहा था। एडीएम ने पेयजल की बर्बादी रोकने और पानी का उपयोग जरूरत के अनुसार करने के निर्देश दिए।

जेसीबी से नल और स्टैंड क्षतिग्रस्त करने की शिकायतनिरीक्षण के दौरान एक ग्रामीण ने शिकायत की कि नाली की सफाई के दौरान ग्राम प्रधान ने जेसीबी से जल जीवन मिशन के नल और उनके स्टैंड क्षतिग्रस्त करा दिए। एडीएम ने मामले का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया। एडीएम विजय सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण में मिली कमियों की जांच कर सुधार कराने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों से पेयजल की बर्बादी रोकने और सार्वजनिक जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े उपकरणों को सुरक्षित रखने की अपील की।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा