पावरलूम, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग से है मऊ जनपद की पहचान : जिलाधिकारी

 


मऊ, 17 जनवरी (हि.स.)। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में शनिवार काे जिला ओटीडी (वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी) सेल की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मऊ जनपद द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप मऊ जनपद आर्थिक विकास की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों, किसानों, श्रमिकों एवं स्वयं सहायता समूहों के सामूहिक प्रयासों से जनपद विकास के मजबूत पथ पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक विकास, कृषि सुदृढ़ीकरण, रोजगार सृजन एवं कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने कहा कि मऊ जनपद की पहचान पावरलूम, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग से है, जो हजारों परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत इस क्षेत्र में तकनीकी उन्नयन, आधुनिक मशीनों की उपलब्धता, वित्तीय सहायता तथा कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इससे न केवल उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है, बल्कि निर्यात की संभावनाएं भी सुदृढ़ हुई हैं।

कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, उन्नत बीजों का प्रयोग, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) का गठन तथा कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इससे कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र पर विशेष चर्चा की गई। एक जनपद–एक उत्पाद (ODOP) योजना के अंतर्गत मऊ के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उद्यमियों को ऋण सुविधा, बुनियादी ढांचे का विकास तथा स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बल मिल रहा है।

जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल सेवाओं, सड़क एवं रेल संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इससे युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था में प्रभावी योगदान दे सकेंगे। साथ ही महिला सशक्तिकरण के तहत स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, ऋण सुविधा एवं विपणन सहयोग प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी सुशील कुमार एवं आशीष कुमार, जिला उद्यान अधिकारी संदीप गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी सोमनाथ गुप्ता, उपायुक्त उद्योग राजेश रोमन सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / वेद नारायण मिश्र