जंगली सूअरों का आतंक, नष्ट कर रहे आलू की फसल
जंगली सूअरों से फसलों को बचा पाना हुआ मुश्किल, किसान मांग रहे मुआवजा
हाथरस, 17 जनवरी (हि.स.)। जनपद में जंगली सुअरों का आतंक बढ़ गया है, जिससे किसानों की आलू की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। सूअर खेतों में घुसकर तैयार हो रही फसल को खोदकर नष्ट कर रहे हैं, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही हैं।
शुक्रवार की रात कुरसंडा क्षेत्र में मथुरा मार्ग स्थित नगला छीतर के पास जंगली सुअरों के एक झुंड ने उत्पात मचाया। कई किसानों के खेतों में घुसकर सूअरों ने आलू की कई बीघा फसल को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। सुबह जब किसान अपने खेतों पर पहुंचे, तो उन्होंने अपनी बर्बाद हुई फसल देखी। किसानों का आरोप है कि जंगली सूअरों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन वन विभाग या स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। किसानों के अनुसार, रात के समय खेतों की रखवाली करना भी मुश्किल हो गया है। कई किसान पूरी रात जागकर पहरा देते हैं, फिर भी सुअरों के झुंड को रोकना आसान नहीं होता। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगली सूअरों से फसलों की सुरक्षा के लिए तत्काल ठोस व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके। क्षेत्र के किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में वन अधिकारी पारूल गर्ग ने शनिवार काे बताया कि जंगली जानवरों को पकड़वाने की कवायद जारी है, जिससे किसानों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना