मेरठ में बकरीद पर मंदिर परिसर में कुर्बानी की सूचना से बढ़ा तनाव, एक हिरासत में

मेरठ। ऐतिहासिक नौचंदी मेले में बकरीद के दिन उस समय हड़कंप मच गया, जब मां नवचंडी मंदिर परिसर में बकरे की कुर्बानी दिए जाने की सूचना सामने आई। आरोप है कि मेले में झूला लगाने वाले कारीगर मो० गादा खान ने मंदिर परिसर के अंदर कुर्बानी दी। सूचना मिलते ही हिंदूवादी संगठनों के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद इलाके में तनाव और हंगामे की स्थिति बन गई।
 

मेरठ। ऐतिहासिक नौचंदी मेले में बकरीद के दिन उस समय हड़कंप मच गया, जब मां नवचंडी मंदिर परिसर में बकरे की कुर्बानी दिए जाने की सूचना सामने आई। आरोप है कि मेले में झूला लगाने वाले कारीगर मो० गादा खान ने मंदिर परिसर के अंदर कुर्बानी दी। सूचना मिलते ही हिंदूवादी संगठनों के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद इलाके में तनाव और हंगामे की स्थिति बन गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और एक आरोपी को हिरासत में लिया गया। घटना को लेकर इलाके में चर्चाएं तेज हैं और धार्मिक भावनाएं भड़काने की कोशिश के आरोप लगाए जा रहे हैं।

मौके पर बंधे मिले बकरे और मुर्गे, हंगामे के बाद भागे लोग
हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का दावा है कि सूचना मिलने के बाद जब वे मंदिर परिसर पहुंचे तो वहां बंधे हुए बकरे और मुर्गे मिले। आरोप लगाया गया कि कुर्बानी की तैयारी चल रही थी और मौके पर भट्टी भी लगाई गई थी। कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि हंगामे की खबर फैलते ही कुछ मुस्लिम परिवार मौके से भाग गए और वहां गोल टोपी समेत अन्य सामान पड़ा मिला।

घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासन ने हालात को संभालने के लिए तत्काल कार्रवाई की और मौके से कुछ लोगों को हिरासत में लिया।

मंदिर समिति ने दर्ज कराई रिपोर्ट
मंदिर समिति के एक पदाधिकारी ने कहा कि मंदिर परिसर के अंदर किसी भी प्रकार का नॉन-वेज बनाना या खाना पूरी तरह प्रतिबंधित है और पहले से इसकी स्पष्ट हिदायत दी गई थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें मामले की जानकारी मिली, उन्होंने सीधे थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई।

उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर की मर्यादा किसी भी कीमत पर भंग नहीं होने दी जाएगी और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

हिंदू संगठनों ने उठाई बड़ी मांग
घटना के बाद हिंदू संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की व्यापारिक गतिविधि बंद की जाए। साथ ही उन्होंने देशभर के मंदिर परिसरों में दूसरे समुदाय के लोगों की गतिविधियों पर रोक लगाने की भी मांग उठाई।

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन ने मामले को दबाने के लिए जल्दबाजी में अवशेष हटवाए और सीमित कार्रवाई की। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल मेरठ पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा रही है और सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद नौचंदी मेले और मंदिर परिसर के आसपास पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है।

देखें वीडियो 

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