जनगणना कार्य में लापरवाही पर शिक्षक का वेतन रोका गया
प्रगणक की नियुक्ति के बावजूद कार्यभार ग्रहण न करने पर एडीएम ने मांगा स्पष्टीकरण व रोका वेतन
देवरिया, 30 मई (हि.स.)। जिला जनगणना अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) रामशंकर ने शनिवार की शाम को बताया कि जनगणना-2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य में लापरवाही बरतने के मामले को गंभीरता से लेते हुए एक प्रगणक का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि विकास खंड भाटपाररानी के कम्पोजिट विद्यालय बनकटा शंभू में कार्यरत सहायक अध्यापक अजीत प्रताप सिंह को मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना-2027 के तहत एचएलबी संख्या-115 के लिए प्रगणक के रूप में तैनात किया गया था। संबंधित शिक्षक ने नियुक्ति पत्र प्राप्त नहीं किया तथा जनगणना कार्य का कार्यभार ग्रहण किए बिना आदेशों की अवहेलना की, जिससे महत्वपूर्ण जनगणना कार्य प्रभावित हुआ।
उन्होंने बताया कि जिला जनगणना अधिकारी ने इसे जनगणना अधिनियम-1948 के प्रावधानों के विपरीत मानते हुए कहा कि यह कृत्य शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं आदेशों की अवहेलना की श्रेणी में आता है। उन्होंने संबंधित शिक्षक का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि साथ ही संबंधित शिक्षक को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर तथ्यात्मक एवं साक्ष्ययुक्त स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि नोटिस में पूछा गया है कि उनके विरुद्ध जनगणना अधिनियम-1948 की धारा-11 तथा अन्य प्रासंगिक नियमों के अंतर्गत विधिक एवं विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न प्रारंभ की जाए।
उन्होंने बताया कि जिला जनगणना अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनगणना-2027 राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा आदेशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक