टेट अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों की हुंकार, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को भेजे पोस्टकार्ड, बोले- सेवा शर्तों के विपरीत फैसला मंजूर नहीं

लखनऊ: टेट अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का विरोध अब खुलकर सामने आने लगा है। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों ने पोस्टकार्ड अभियान चलाकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को पत्र भेजे तथा सरकार से टेट की अनिवार्यता खत्म करने की मांग उठाई। 
 

लखनऊ: टेट अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का विरोध अब खुलकर सामने आने लगा है। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों ने पोस्टकार्ड अभियान चलाकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को पत्र भेजे तथा सरकार से टेट की अनिवार्यता खत्म करने की मांग उठाई। 

बैठक में प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रांतीय संयोजक पंकज यादव, ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार शर्मा और वरिष्ठ शिक्षक पंचू राम यादव ने सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। शिक्षकों का कहना था कि टेट लागू होने से पहले नियुक्त अध्यापकों पर इसे थोपना न केवल सेवा शर्तों के खिलाफ है, बल्कि उनके सम्मान के साथ भी अन्याय है। 

शिक्षकों के सम्मान के साथ समझौता नहीं
पंकज यादव ने कहा कि शिक्षकों के सम्मान के साथ समझौता नहीं किया जाएगा और सरकार को अध्यादेश लाकर जल्द से जल्द सेवारत शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से मुक्त करना चाहिए। राजकुमार शर्मा ने इसे शिक्षकों का अपमान बताते हुए कहा कि नियुक्ति के समय जो नियम लागू थे, उन्हीं के आधार पर सेवा शर्तें तय होनी चाहिए। 

टेट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर बाद में यह शर्त लागू करना अनैतिक
वरिष्ठ शिक्षक पंचू राम यादव ने कहा कि टेट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर बाद में यह शर्त लागू करना अनैतिक है और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। पोस्टकार्ड अभियान में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए और चेतावनी दी गई कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

पोस्टकार्ड अभियान में अमित यादव, कन्हैया प्रसाद, काशीराम, अनूप कुमार सिंह, अरुण सिंह, मुकेश कुमार, रमेश कुमार वर्मा, हृदय राम, अनुराग मिश्रा, हरिओम शर्मा, तरुण चंद्रा, बाबूलाल, गुलाब अहमद, अभिषेक तिवारी, जयंत कुमार वर्मा, नरेश कुमार, ओम प्रकाश यादव, महेंद्र कुमार, अरविंद कुमार, जाहिदा बानो, भानु प्रताप सिंह, अमन त्रिपाठी, विजय, अनुपम मिश्र और बाबा दीन यादव सहित सैकड़ों शिक्षक शामिल रहे।