देवरिया में लगेंगे 40 लाख पौधे, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रविवार को करेंगे अभियान का शुभारंभ

 


देवरिया, 11 जुलाई (हि.स.)। पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से देवरिया जनपद में रविवार 12 जुलाई को वृहद पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जिले में 39 लाख 91 हजार 900 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान की मुख्य थीम 'एक पेड़ मां के नाम' रखी गई है। जिला प्रशासन ने सभी विभागों को लक्ष्य आवंटित कर तैयारियां पूरी कर ली हैं और इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की रणनीति बनाई है।

अभियान का मुख्य जिला स्तरीय कार्यक्रम बरियारपुर में आयोजित होगा, जहां प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही सुबह 8:30 बजे पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहेंगे।

जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार को बताया कि चारागाहों, अमृत सरोवरों, सरकारी परिसरों, विद्यालयों, पंचायत भवनों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। एक हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले चारागाहों की मेड़ों पर भी पौधे लगाए जाएंगे। अभियान में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, ग्राम प्रधान, पंचायत प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं और स्थानीय ग्रामीण सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।

अभियान के तहत जिले के 2121 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहजन अथवा आंवले के पौधे लगाए जाएंगे। इस अवसर पर विद्यालय खुले रहेंगे और शिक्षक तथा छात्र पौधारोपण में भाग लेंगे। प्रत्येक ग्राम पंचायत सचिवालय परिसर में सहजन, आंवला, गुड़हल, मौलश्री, रुद्राक्ष और मीठी नीम के पौधे लगाए जाएंगे, जबकि अमृत सरोवरों के आसपास पीपल, नीम, जामुन और पाकड़ जैसे छायादार एवं उपयोगी पौधों का रोपण किया जाएगा। साथ ही लगभग एक लाख अंत्योदय राशन कार्डधारकों को भी पौधे वितरित किए जाएंगे।

विभागवार लक्ष्य के अनुसार, वन एवं वन्यजीव विभाग 13.46 लाख, ग्राम्य विकास विभाग 13.97 लाख, कृषि विभाग 4.32 लाख, उद्यान विभाग 2.13 लाख, पर्यावरण विभाग 1.52 लाख, पंचायतीराज विभाग 1.53 लाख तथा राजस्व विभाग 1.07 लाख पौधे लगाएगा। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, ऊर्जा, सहकारिता, समाज कल्याण, मत्स्य, परिवहन सहित अन्य विभागों को भी लक्ष्य आवंटित किए गए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके संरक्षण और नियमित देखभाल पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। सभी विभागों को लगाए गए पौधों की निगरानी और उन्हें जीवित रखने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने आमजन से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। प्रशासन का उद्देश्य इस अभियान को एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनभागीदारी से जुड़े स्थायी पर्यावरणीय आंदोलन के रूप में विकसित करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक