कांवड़ लेकर क्षेमनाथ धाम पहुंचीं तमन्ना मलिक-बोलीं मैं इंसानियत के साथ खड़ी हूं
संभल, 13 अगस्त (हि.स.)। हरिद्वार से कांवड़ लेकर गुरुवार काे जनपद संभल के क्षेमनाथ धाम पहुंचीं तमन्ना मलिक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। तमन्ना ने बताया कि वह 06 अगस्त को हरिद्वार गई थीं और वहां से कांवड़ लेकर वापस लौटीं। उन्होंने डासना धाम में जलाभिषेक करने के बाद अब संभल के क्षेमनाथ धाम पहुंचकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
तमन्ना ने कहा कि रास्ते में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। बताया कि यूपी पुलिस-प्रशासन और रास्ते में मिले लोगों ने उनका सहयोग और सम्मान किया। सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी और गिरफ्तारी के सवाल पर तमन्ना ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि वह ऐसे लोगों के बारे में कुछ नहीं कहना चाहतीं। बुर्के को लेकर पूछे गए सवाल पर तमन्ना ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से बुर्का उतारा है। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि व्यक्ति को अपनी पसंद के कपड़े पहनने और अपनी आस्था के अनुसार चलने की आजादी है। अपने धर्म के सवाल पर तमन्ना ने कहा कि वह खुद को सबसे पहले इंसानियत के साथ मानती हैं। अमन त्यागी से हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने की बात स्वीकार करते हुए भी उन्होंने कहा कि वह किसी धर्म से ज्यादा इंसानियत को महत्व देती हैं। वहीं पति अमन त्यागी ने बताया कि तमन्ना समेत तीन मुस्लिम महिलाएं बुर्के में करीब 300 किलोमीटर की यात्रा कर कांवड़ लेकर डासना धाम पहुंचीं और उन्हें रास्ते में सम्मान मिला। अमन ने कहा कि महिलाओं पर किसी भी तरह की अनावश्यक पाबंदी नहीं होनी चाहिए और हर महिला को संविधान के मुताबिक अपनी जिंदगी जीने की आजादी है। तमन्ना और अमन के बयान के बाद कांवड़ यात्रा, आस्था, पहनावे और महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / Nitin Sagar