जापान के साथ टैलेंट व टेक्नोलॉजी का गठजोड़
गलगोटियास यूनिवर्सिटी में यामानाशी के 200 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत
विद्यार्थियों के ग्लोबल करियर और ग्रीन हाइड्रोजन रिसर्च को मिलेगी रफ्तार, दो महत्वपूर्ण समझौते
यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी बोले- 30 साल पहले ऐसा अवसर मिलता तो यूनिवर्सिटी में
ग्रेटर नोएडा, 20 अगस्त। भारत-जापान के बीच अकादमिक, रिसर्च और वर्कफोर्स सहयोग को मजबूत करने की दिशा में गलगोटियास यूनिवर्सिटी में गुरुवार को बड़ी पहल हुई। यूनिवर्सिटी ने यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में आए 200 सदस्यीय उच्चस्तरीय जापानी प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत किया। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए ग्लोबल करियर के अवसर बढ़ाने और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान को गति देने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौते किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की ग्रोथ और ग्लोबल एंगेजमेंट की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
टैलेंट मोबिलिटी से क्लीन एनर्जी तक सहयोग
यामानाशी प्रीफेक्चर गवर्नमेंट के साथ एमओयू और यामानाशी यूनिवर्सिटी के साथ एलओआई (लेटर ऑफ इंटेंट) के जरिए टैलेंट मोबिलिटी से लेकर क्लीन एनर्जी रिसर्च तक दीर्घकालिक सहयोग की नींव रखी गई। जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जेट्रो) की प्रस्तुति में दोनों क्षेत्रों के बीच इंडस्ट्री और टैलेंट पार्टनरशिप को मजबूत करने के अवसरों को भी प्रमुखता से रखा गया। औपचारिक कार्यक्रम के बाद कैंपस में कई फोकस्ड ग्रुप डिस्कशन हुए। जापानी प्रतिनिधियों के एक समूह ने यूनिवर्सिटी की फैकल्टी के साथ ग्रीन हाइड्रोजन पर चर्चा की। इसमें क्लीन एनर्जी और लो-कार्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में जॉइंट रिसर्च, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट तथा स्टूडेंट-रिसर्चर एक्सचेंज की संभावनाओं पर मंथन हुआ। इस दौरान गवर्नर कोटारो नागासाकी ने कहा, “यदि यह 30 वर्ष पहले होता, तो मैं गलगोटियास यूनिवर्सिटी में अवश्य प्रवेश लेता।”
हेल्थकेयर से एआई, ड्रोन और सेमीकंडक्टर तक देखा मॉडल
प्रतिनिधिमंडल के दूसरे समूह ने डिजिटल नर्सिंग स्किल्स एंड सिमुलेशन सेंटर का दौरा कर नर्सिंग और हेल्थ साइंसेज पर आयोजित सत्र में हिस्सा लिया। इस दौरान हेल्थकेयर एजुकेशन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। जापानी प्रतिनिधियों ने यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों से भी संवाद किया और कैंपस लाइफ, संस्कृति तथा करियर आकांक्षाओं पर विचार साझा किए।
स्टूडेंट्स के लिए खुलेंगे ग्लोबल करियर के रास्ते
प्रतिनिधिमंडल ने आईओएस डेवलपमेंट सेंटर, एलएंडटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर से जुड़ी एडवांस्ड लैब्स का भी दौरा किया और यूनिवर्सिटी के इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड टीचिंग एवं रिसर्च मॉडल को समझा।
इस अवसर पर गलगोटियास यूनिवर्सिटी के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि समझौतों के जरिए विद्यार्थियों के लिए ग्लोबल करियर के वास्तविक रास्ते तैयार होंगे और रिसर्चर्स को क्लीन एनर्जी की चुनौतियों पर जापान के साथ मिलकर काम करने का अवसर मिलेगा। कुलाधिपति सुनील गलगोटिया ने कहा कि भारत-जापान की मित्रता ज्ञान, अनुशासन और पारस्परिक सम्मान के साझा मूल्यों पर आधारित है। यह साझेदारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत-जापान संबंधों को मजबूत करने के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के विकास से प्रेरित है। दोनों पक्षों ने इन समझौतों को स्टूडेंट एक्सचेंज, फैकल्टी कोलैबोरेशन, स्किलिंग और जॉइंट रिसर्च के ठोस कार्यक्रमों में बदलने की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम में यामानाशी के उप-गवर्नर जुनिची इशिदेरा, यामानाशी सरकार के एडवाइजर नीरेंद्र उपाध्याय, यूपी के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।