वर्ल्ड इंक्लूज़न कॉन्फ्रेंस से मिली सीख को विभागीय कार्यों में उतारने पर हुआ मंथन
लखनऊ, 10 सितंबर (हि.स.)। नई दिल्ली में हुए वर्ल्ड इंक्लूज़न कॉन्फ्रेंस-2026 से मिली सीख अब समाज कल्याण विभाग के कामकाज में नई सोच और नए प्रयासों का आधार बनेगी। इसी उद्देश्य से बुधवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में बैठक आयोजित की गई। “एक विश्व, सबका सम्मान” थीम पर हुई इस बैठक में समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक आशीष, प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव और निदेशक संजीव सिंह समेत सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
नई जरूरतों के अनुरूप नीतियों पर विचार
कॉन्फ्रेंस में प्रतिभाग करने वाले नव नियुक्त जिला समाज कल्याण अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अपने अनुभव और सीख साझा की। बैठक में इस बात पर भी मंथन किया गया कि समाज कल्याण के क्षेत्र में उभरती नई जरूरतों की पहचान कर उनके अनुरूप नई नीतियों और प्रभावी कार्यक्रमों की दिशा में किस तरह आगे बढ़ा जा सकता है। अधिकारियों ने अपने अनुभवों के आधार पर नवाचार और समाधान आधारित दृष्टिकोण अपनाने की संभावनाएं साझा कीं।
“नई सोच के साथ नीतियां बनाने पर दें जोर’
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि कॉन्फ्रेंस में प्राप्त अनुभवों को केवल व्यक्तिगत सीख तक सीमित न रखते हुए नई सोच के साथ विभागीय कार्यों में ठोस बदलाव और बेहतर नीतियों के निर्माण के लिए उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से समाज कल्याण के क्षेत्र में नई आवश्यकताओं की पहचान कर नवाचार और समाधान आधारित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय