भामाशाह के त्याग और मैथिलीशरण गुप्त की रचनाओं से राष्ट्रसेवा की प्रेरणा लें युवा : सतीश महाना
कानपुर, 16 अगस्त (हि.स.)। जब महाराणा प्रताप मुगलों के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे, तब दानवीर भामाशाह ने अपनी पूरी धन-संपदा राष्ट्रहित में उन्हें समर्पित कर दी। इसी तरह अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ देश जब संघर्ष कर रहा था, तब राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की रचनाओं और गीतों ने राष्ट्रीय आंदोलन में नया जोश भरने का काम किया। यह बातें रविवार को दानवीर भामाशाह एवं राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त स्मरण दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहीं।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में अखिल भारतीय सर्व वैश्य महापरिषद और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में दानवीर भामाशाह एवं राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त स्मरण दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति विनय कुमार पाठक और सुरेंद्र गुप्ता (गोल्डी मसाले) अध्यक्ष रहे।
कुलपति विनय कुमार पाठक ने कहा कि वर्तमान समय में सभी को मिलकर शिक्षा और युवा पीढ़ी के ज्ञानवर्धन के लिए काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गोल्डी मसाले समूह की ओर से विश्वविद्यालय को राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के नाम पर डिजिटल लाइब्रेरी उपलब्ध कराई गई है। इससे विश्वविद्यालय के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए आगे आने की अपील की।
सुरेंद्र गुप्ता ने अपने पिता लाला रामचंद्र गुप्ता को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने गोल्डी समूह की नींव रखी थी। उनके द्वारा लगाया गया पौधा आज बड़े बरगद का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि गोल्डी परिवार समाज, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार योगदान देता रहा है और आगे भी राष्ट्रहित में अपने प्रयास जारी रखेगा।
अखिल भारतीय सर्व वैश्य महापरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि वैश्य समाज को राजनीतिक क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। समाज के युवाओं और महिलाओं को राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज की आबादी प्रदेश में 25 प्रतिशत से अधिक है और समाज को अपनी राजनीतिक ताकत को पहचानने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिन समाजों ने अपने मताधिकार की ताकत को पहचाना, उन्हें राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सम्मान मिला है। वैश्य समाज को भी अपनी ताकत के आधार पर आगे की रणनीति तैयार करनी चाहिए।
कार्यक्रम में कानपुर के विभिन्न वर्गों के 600 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कला निधि ग्रुप की ओर से वंदे मातरम और सांस्कृतिक गीतों की प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम में महेंद्र मोहन गुप्ता, सलिल बिश्नोई, विश्वनाथ गुप्ता, रमेश गुप्ता, अरुण गुप्ता, डॉ. उमेश पालीवाल, मनोज गुप्ता, मनोज सेंगर, सुरेंद्र मोहन अग्रवाल, महेश चंद जैन, शिवकुमार जायसवाल, अनुराग अग्रवाल, शुभांक गुप्ता, विजय गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, अतुल भाटिया, गीता डालमिया, विजय गुप्ता, मोनिका गुप्ता, डॉ. मिनी अग्रवाल, सीमा अग्रवाल, अनीता केसरवानी, डॉ. श्याम बाबू गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लैंग्वेज के निदेशक सर्वेश मणि त्रिपाठी, पुस्तकालयाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, डॉ. श्वेता पांडेय और डॉ. ओमशंकर गुप्ता समेत अन्य शिक्षक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप