सावन में खानपान और औषधीय वनस्पतियों का रखें ध्यान : डॉ. वंदना पाठक
कानपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। सावन माह धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ वर्षा ऋतु के कारण स्वास्थ्य के लिहाज से भी विशेष सावधानी का समय है। इस दौरान खानपान पर ध्यान देने के साथ सामान्य रूप से उपलब्ध औषधीय वनस्पतियों के महत्व को भी समझना चाहिए। यह बातें मंगलवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित तीजोत्सव कार्यक्रम में वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने कहीं।
विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग की ओर से दो दिवसीय कार्यक्रम ‘तीजोत्सव: लोक परंपराओं के रंग शिक्षा और संस्कृति के संग’ के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
डॉ. वंदना पाठक ने सावन माह के धार्मिक स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को वर्षा ऋतु में स्वास्थ्य के अनुकूल खानपान और औषधीय वनस्पतियों के महत्व की जानकारी दी। विभागाध्यक्ष डॉ. तनुजा भट्ट ने अतिथियों का स्वागत किया और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभाग की ओर से आयोजित किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के क्रम में आयुषी ने ‘हे शुभारंभ’ गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद भगवान शिव के गोपेश्वर महादेव स्वरूप पर केंद्रित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। विद्यार्थियों ने सावन पर आधारित लोकगीत भी प्रस्तुत किए। विभाग की छात्रा मंजुला द्वारा लिखित नाटक ‘तीज: रिश्तों की हरियाली’ का मंचन भी किया गया।
कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. अंशु यादव और पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि गोरे ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। एक दिन पूर्व आयोजित मेहंदी, रंगोली और कलश सज्जा प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए गए।
कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ. रत्नर्त्तु मिश्रा ने किया। इस अवसर पर डॉ. प्रियंका मौर्या, डॉ. अनुपमा यादव, डॉ. कल्पना अग्निहोत्री, डॉ. विमल सिंह, डॉ. बद्री नारायण मिश्रा, प्रिया तिवारी, डॉ. कुलदीप चौहान, डॉ. आरपी सैनी, डॉ. एससी पटेल सहित शिक्षक मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप