कृषि नवाचारों को प्रयोगशालाओं से खेतों तक पहुंचाएं : आनंदीबेन पटेल

 


कानपुर, 10 जुलाई (हि.स.)। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के 28वें दीक्षांत समारोह में 372 विद्यार्थियों को उपाधियां और 27 मेधावियों को 33 पदक प्रदान किए गए। देश में आपके नवाचारों की आवश्यकता है। प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीकों और शोध को खेतों तक पहुंचाकर किसानों की आय बढ़ाने में योगदान दें। यह बातें शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहीं।

सीएसए के 28वें दीक्षांत समारोह का आयोजन शुक्रवार को कैलाश भवन ऑडिटोरियम में हुआ। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने की, जबकि मुख्य अतिथि बिम्सटेक के महासचिव इंद्र मणि पांडेय रहे। समारोह में 27 मेधावियों को 33 पदक एवं पुरस्कार तथा कुल 372 छात्र-छात्राओं को विभिन्न संकायों की उपाधियां प्रदान की गईं।

उपाधि प्राप्त करने वालों में 69 विद्यार्थियों को पीएचडी, 179 को बीएससी कृषि, 28 को बीएससी उद्यान, 19 को बीएससी फॉरेस्ट्री, 10 को बीएससी कम्युनिटी साइंस, 52 को बीटेक की विभिन्न शाखाओं, आठ को बीएफएससी तथा सात विद्यार्थियों को बीटेक डेयरी टेक्नोलॉजी की डिग्री प्रदान की गई। पदक विजेताओं में नौ विद्यार्थियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक, नौ को विश्वविद्यालय रजत पदक, नौ को विश्वविद्यालय कांस्य पदक तथा छह विद्यार्थियों को प्रायोजित स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय की रैंकिंग में सुधार के लिए वैज्ञानिकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन तकनीक, कृषि सखियों और 'ड्रोन दीदी' जैसी पहलों के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, श्रीअन्न (मिलेट्स) के उत्पादन का विस्तार करने तथा अपने नवाचारों को किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि इंद्र मणि पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय ने दलहन, तिलहन और खाद्यान्न फसलों की 300 से अधिक प्रजातियां विकसित कर कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने वैज्ञानिकों से जलवायु अनुकूल किस्मों के विकास, कृषि विविधीकरण और दलहन-तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में शोध को और गति देने की अपील की।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. संजीव गुप्ता ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पुस्तकालय के आधुनिकीकरण के लिए 3.5 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं तथा विद्यार्थियों को रेल यात्रा में विशेष रियायत भी उपलब्ध कराई गई है। समारोह में राज्यपाल ने डिजिलॉकर पर 372 डिग्रियां अपलोड कीं, उत्कृष्ट अध्यापन के लिए चार शिक्षकों को सम्मानित किया तथा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा लिखित नौ पुस्तकों का विमोचन भी किया। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता स्कूली विद्यार्थियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप