आईआईटी कानपुर के विकास में सहयोग देना मेरे लिए सम्मान की बात : जगजीत सिंह बिंद्रा
कानपुर, 10 जून (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर से मिली उत्कृष्ट शिक्षा ने मेरे पेशेवर जीवन की मजबूत नींव रखी है और संस्थान को वापस योगदान देना मेरे लिए सम्मान की बात है। इसी भावना के साथ आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र एवं उद्योग जगत की प्रतिष्ठित हस्ती जगजीत सिंह बिंद्रा ने संस्थान में केमिकल इंजीनियरिंग अवसंरचना के विकास के लिए 11 लाख 50 हजार अमेरिकी डॉलर के योगदान की घोषणा की। यह बातें बुधवार को जगजीत सिंह बिंद्रा ने कहीं।
इस योगदान से आईआईटी कानपुर में ‘जेनिस एवं जगजीत बिंद्रा केमिकल इंजीनियरिंग एनेक्स’ की स्थापना की जाएगी। प्रस्तावित भवन करीब 4,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित होगा और केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षण, अनुसंधान तथा नवाचार कार्यों का प्रमुख केंद्र बनेगा। संस्थान के अनुसार यह सुविधा विभाग की बढ़ती शैक्षणिक और अनुसंधान आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नए एनेक्स में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लासरूम, संकाय कार्यालय और सहयोगात्मक अनुसंधान स्थल विकसित किए जाएंगे। इसके माध्यम से सतत प्रौद्योगिकी, कम्प्यूटेशनल कैटालिसिस, जैव-प्रौद्योगिकी और एडवांस्ड मैटेरियल्स जैसे क्षेत्रों में शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहयोग को भी मजबूती मिलेगी।
आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कहा कि जगजीत सिंह बिंद्रा संस्थान के लंबे समय से सहयोगी रहे हैं। उनका यह योगदान रासायनिक अभियांत्रिकी के क्षेत्र में शिक्षा, नवाचार और अनुप्रयुक्त अनुसंधान के लिए नए अवसरों का सृजन करेगा। उन्होंने संस्थान की ओर से बिंद्रा के प्रति आभार व्यक्त किया।
संसाधन एवं पूर्व छात्र मामलों के अधिष्ठाता अमेय करके ने कहा कि बिंद्रा का संस्थान के साथ निरंतर जुड़ाव प्रेरणादायक है। उनके सहयोग से वर्षों में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को बल मिला है और यह नई प्रतिबद्धता भी संस्थान के भविष्य को मजबूत करेगी।
उल्लेखनीय है कि जगजीत सिंह बिंद्रा पिछले तीन दशकों से आईआईटी कानपुर की विभिन्न पहलों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने ‘जीत बिंद्रा यूनिट ऑपरेशंस एंड इनोवेशन लैब’, ‘स्पेशलिटी केमिकल्स में जीत सिंह बिंद्रा उत्कृष्टता केंद्र’ सहित कई अवसंरचना परियोजनाओं, अनुसंधान अनुदानों, संकाय सहायता कार्यक्रमों और छात्र-केंद्रित योजनाओं में सहयोग दिया है। आईआईटी कानपुर इस नई सुविधा का नाम उनके और उनकी पत्नी जेनिस बिंद्रा के नाम पर रखकर उनके योगदान को स्थायी सम्मान देगा।------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप