सुंदरकांड से मिलता है भक्ति, शक्ति और समर्पण का संदेश : डॉ सुशील सिन्हा

 


प्रयागराज, 20 जून (हि.स)। वर्तमान समय में जब समाज तनाव, अवसाद और नकारात्मकता से जूझ रहा है, ऐसे में श्री सुंदरकांड पाठ एक आध्यात्मिक औषधि की तरह कार्य करता है। तुलसीदास कृत रामचरितमानस का यह पंचम सोपान केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला ग्रंथ है। यह बातें शनिवार की शाम यूपी नर्सिंग एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ सुशील सिन्हा ने नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, कालिंदीपुरम में आयोजित श्रीसुंदरकांड पाठ एवं आरती समापन के दौरान कहीं।

कायस्थ पाठशाला के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा कहते हैं, सुंदरकांड केवल पाठ नहीं, व्यवहार में उतारने का ग्रंथ है। अगर हम हनुमान जी के एक भी गुण को जीवन में उतार लें, तो परिवार और समाज दोनों सुंदर हो जाएंगे। यही कारण है कि हमने इस आयोजन में सामूहिक पाठ रखा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ सकें। इसी भाव को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से श्रीसुंदरकांड पाठ, प्रसाद वितरण एवं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें शहर पश्चिमी के प्रबुद्ध जनता, बहनों का अपार जनसमर्थन मिला।

सिन्हा ने कहा हनुमान जी का लंका जाना और माता सीता की खोज करना बताता है कि बड़े से बड़ा संकट भी धैर्य, बुद्धि और पराक्रम से दूर किया जा सकता है। आज का युवा इससे प्रेरणा लेकर हार न मानने का जज्बा रखता है। हनुमान जी ने बिना किसी स्वार्थ के प्रभु श्रीराम का कार्य किया। समाज सेवा और राष्ट्र सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। पद और प्रतिष्ठा से ऊपर उठकर दूसरों के लिए जीना ही सच्ची भक्ति है। सुंदरकांड की चौपाइयों में ऐसी शक्ति है कि इसके पाठ से नकारात्मक विचार दूर होते हैं। उन्होंने कहा मनोचिकित्सक भी मानते हैं कि सामूहिक पाठ से तनाव कम होता है और आपसी भाईचारा बढ़ता है। अशोक वाटिका में हनुमानजी का माता सीता के प्रति आदर भाव, आज के समाज को स्त्री सम्मान का बड़ा संदेश देता है। वे शक्ति का दुरुपयोग नहीं, बल्कि रक्षा के लिए प्रयोग करते हैं।

इस मौके पर डॉ भूपेश द्विवेदी, प्रो. गिरीश चंद त्रिपाठी, महापौर गणेश केसरवानी, सांसद प्रवीण सिंह पटेल, जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता, पार्षद गुलाब सिंह पटेल, अखिलेश श्रीवास्तव, डॉ ऋतु सिन्हा, चंद्र प्रकाश मिश्रा, प्रकाश आर्या, कमलेश मिश्रा, पप्पू केसरवानी, चंद्रभूषण सिंह पटेल, कमलेश कुमार, डॉ प्रेमलता श्रीवास्तव, किरण सिंह, पुष्पा वर्मा, पवन श्रीवास्तव, राजन श्रीवास्तव, उदय श्रीवास्तव, मनोज सिंह, राकेश पाण्डेय, हरिओम उपाध्याय, अविचल द्विवेदी, भूपेंद्र त्रिपाठी, धीरज श्रीवास्तव, राजेश मिश्र, अमित मिश्र, जेपी तिवारी, प्रदीप तिवारी, बजरंग सिंह, मनोज श्रीवास्तव, गणेश उपाध्याय, डॉ पीयूष दीक्षित, बृजेश श्रीवास्तव, दिनेश तिवारी आदि हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र