पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों के समक्ष रखे सुझाव और आपत्तियां

 


मुरादाबाद, 24 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह और सदस्य बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा, डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया एवं एसपी सिंह ने शुक्रवार को लेक्ट्रेट सभागार बैठक की। इस बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) एवं ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए लागू आरक्षण व्यवस्था के प्रभाव का फीडबैक प्राप्त किया।

बैठक के दौरान आयोग ने अन्य पिछड़ा वर्ग के नागरिकों के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक सशक्तिकरण, पंचायत चुनावों में आरक्षण से प्राप्त लाभ, आजीविका के अवसरों तथा वर्तमान आरक्षण व्यवस्था से उनके जीवन स्तर में आए बदलाव के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उपस्थित लोगों ने अपने सुझाव एवं आपत्तियां आयोग के समक्ष रखीं।

आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने बैठक में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति से निर्धारित बिंदुओं पर क्रमवार सुझाव प्राप्त किए। बैठक में महिला जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति पर आयोग ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनसे भी संवाद किया। महिला क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) से निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी, निर्वाचित होने के बाद दायित्वों के निर्वहन में आने वाली चुनौतियों, उपलब्ध सुविधाओं तथा महिला प्रतिनिधित्व को प्रभावी बनाने के लिए आरक्षण व्यवस्था के लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने बताया कि अधिकांश जनप्रतिनिधियों ने जनसंख्या के अनुरूप प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किए जाने का सुझाव आयोग के समक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों एवं आपत्तियों को आयोग द्वारा संज्ञान में लिया गया है। प्रदेशभर में विभिन्न जनपदों का भ्रमण कर जनप्रतिनिधियों एवं आमजन से प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शेफाली सिंह, मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी, एडीएम सिटी अंकुर श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा के साथ-साथ अन्य संबंधित अधिकारी गण मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल