आजमगढ़ में ‘सामाजिक समरसता रैली’ में ओम प्रकाश राजभर दिखाएंगे अपनी ताकत

 




आज़मगढ़, 20 फ़रवरी (हि.स.)। प्रदेश की राजनीति में पूर्वांचल का चेहरा माने जाने वाले सुभासपा अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर रविवार को आजमगढ़ में ‘सामाजिक समरसता रैली’ आयोजित करने जा रहे हैं। यह रैली मिशन 2027 के लिए सुभासपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।

आजमगढ़ लम्बे समय से समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ रहा है और वर्ष 2022 में सपा ने जिले की दस विधानसभा सींटो पर क्लीन स्वीप की थीं। उस समय राजभर समाजवादी पार्टी के साथ थे, ऐसा माना जाता है कि राजभर वोटों के ध्रुवीकरण ने समाजवादी पार्टी की दस सीटों को जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका रही।

लेकिन अब वह एनडीए में शामिल हैं और भाजपा गठबंधन को मजबूती देना चाहते हैं।

रैली अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र के जनता इंटर कॉलेज, अहिरौला में रविवार को आयोजित होगी। खास बात यह है पिछले करीब एक वर्ष से अतरौलिया विधानसभा में मंत्री ओपी राजभर और उनके पुत्र व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर भी अतरौलिया में ही कैम्प किए हुए हैं। इसी सीट से ओपी राजभर अपने पुत्र को वर्ष 2027 के चुनावी समर में मैदान में उतारने की तैयारी में है। इस लिहाज से भी इस रैली को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पार्टी का दावा है कि रैली में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। मंत्रियों की मौजूदगी यह संकेत देगी कि भाजपा और सुभासपा मिलकर अगड़े, पिछड़ों और अति-पिछड़ो के साथ अन्य वर्गों को साधने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। पार्टी का दावा है कि रैली में एक लाख से अधिक लोग शामिल होंगे। इसके अलावा, राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना के सैकड़ों कमांडर भी भाग लेकर संगठन की ताकत दिखाएंगे। इस रैली के माध्यम से ओम प्रकाश राजभर यह दिखाना चाहते हैं कि पूर्वांचल के राजभर और अन्य पिछड़ी जातियों पर उनकी पकड़ अब भी मजबूत है।

सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर का कहना है कि रविवार को जो रैली आयोजित होने जा रही है ऐसी और इतनी बड़ी रैली आजमगढ़ में नहीं हुई होगी। यह सिर्फ शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि आगामी चुनाव में सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बदलने का संकेत है। पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर जनसंपर्क कर रैली को सफल बनाने में जुटे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर राजभर आजमगढ़ में बड़ी भीड़ जुटाने में सफल रहते हैं, तो यह वर्ष 2027 के चुनाव में सपा के लिए चुनौती बन सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव चौहान